होर्मुज में भारत का दम! सबसे ज्यादा जहाज निकाल लाने वाले देशों में शुमार, गैस और तेल लेकर आए 8 जहाज, आम जनता को बड़ी राहत

होर्मुज का रास्ता सबसे संकरी जगह पर सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है। इसके एक तरफ ओमान है और दूसरी तरफ ईरान। ईरान के पास ऐसी मिसाइलें और 'आत्मघाती नावें' हैं, जो किसी भी विशाल टैंकर को पल भर में डुबो सकती हैं। हालांकि, ईरान के साथ एतिहासिक संबंध और मजबूत कूटनीति के जरिए भारत अपने तेल और गैस से भरे 8 जहाज बड़ी ही आसानी से निकाल लाया

अपडेटेड Apr 04, 2026 पर 7:36 PM
Story continues below Advertisement

मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-अमेरिका युद्ध और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की नाकेबंदी के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर है। जहां पूरी दुनिया में ऊर्जा और तेल की सप्लाई ठप होने का डर बना हुआ है, वहीं भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिसके सबसे ज्यादा जहाज इस खतरनाक रास्ते से सुरक्षित गुजर रहे हैं। जब से युद्ध शुरू हुआ है, तब से अब तक, कम से कम 8 भारतीय जहाजों ने इस युद्ध क्षेत्र को पार किया है। इनमें से कई जहाज भारी मात्रा में गैस और तेल लेकर भारत पहुंचे हैं, जिससे देश में ईंधन की कमी नहीं हुई।

यह समुद्र का वह संकरा रास्ता है, जहां से दुनिया का लगभग 20% से 30% कच्चा तेल गुजरता है। युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद ईरान ने ये रास्ता ब्लॉक कर दिया था। होर्मुज का रास्ता सबसे संकरी जगह पर सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है। इसके एक तरफ ओमान है और दूसरी तरफ ईरान। ईरान के पास ऐसी मिसाइलें और 'आत्मघाती नावें' हैं, जो किसी भी विशाल टैंकर को पल भर में डुबो सकती हैं।

हालांकि, ईरान के साथ एतिहासिक संबंध और मजबूत कूटनीति के जरिए भारत अपने तेल और गैस से भरे 8 जहाज बड़ी ही आसानी से निकाल लाया।


संकट के बीच भारतीय जहाजों की 'अग्निपरीक्षा'

रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक कम से कम 8 भारतीय जहाजों ने सफलतापूर्वक और सुरक्षित तरीके से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया है। इन जहाजों के नाम हैं:

  1. शिवालिक (Shivalik)
  2. नंदा देवी (Nanda Devi)
  3. जग लाडकी (Jag Laadki)
  4. पाइन गैस (Pine Gas)
  5. जग वसंत (Jag Vasant)
  6. BW टायर (BW Tyr)
  7. BW एल्म (BW Elm)
  8. ग्रीन सांवी (Green Sanvi)

ये जहाज केवल लोहे के ढांचे नहीं हैं, बल्कि इनमें भारत के करोड़ों घरों के चूल्हे जलाने वाला ईंधन और उद्योगों को चलाने वाली ऊर्जा लदी हुई है।

तेल से लेकर गैस तक: किस जहाज में क्या?

भारत के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि रसोई गैस की सुरक्षित सप्लाई रही है।

BW TYR और BW ELM: इन दो बड़े जहाजों ने लगभग 94,000 टन LPG सुरक्षित तरीके से देश में पहुंचाई।

पाइन गैस और जग वसंत: 26 से 28 मार्च के बीच ये जहाज 92,612 टन गैस लेकर भारत आए।

MT शिवालिक और MT नंदा देवी: ये दोनों जहाज मार्च के मध्य में गुजरात के मुंद्रा और कांडला पोर्ट पर लगभग 92,712 टन गैस लेकर पहुंचे।

सिर्फ गैस ही नहीं, भारत ने कच्चा तेल (Crude Oil) लाने में भी कामयाबी पाई है।

जग लाडकी: यह टैंकर UAE से 80,886 टन कच्चा तेल लेकर 18 मार्च को मुंद्रा पोर्ट पहुंचा।

जग प्रकाश: इस जहाज ने ओमान से अफ्रीका तक गैसोलीन ले जाते समय इस खतरनाक रास्ते को सुरक्षित पार किया।

ईरान ने पहले कहा था कि “गैर-दुश्मन” जहाज ईरानी अधिकारियों से समन्वय करके इस रास्ते से गुजर सकते हैं। सबसे पहले चार भारतीय झंडे वाले LPG टैंकर सुरक्षित रूप से इस स्ट्रेट से गुजरे।

आम आदमी को क्या फायदा?

इन जहाजों के सुरक्षित आने का सीधा मतलब है कि आपके घर की रसोई गैस और आपकी गाड़ी का पेट्रोल-डीजल संकट में नहीं पड़ेगा। अगर ये जहाज रुक जाते, तो देश में महंगाई और ईंधन की भारी किल्लत हो सकती थी।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें: सप्लाई रुकने से देश में ईंधन की किल्लत हो जाती और कीमतें आसमान छूने लगतीं।

महंगाई पर लगाम: क्योंकि भारत में माल ढुलाई मुख्य रूप से ट्रकों और ट्रेनों पर टिकी है, तेल महंगा होने का मतलब है- सब्जी, दूध और राशन का महंगा होना। इन जहाजों के सुरक्षित सफर ने महंगाई को बेकाबू होने से रोका है।

कैसे सुरक्षित निकल रहे हैं भारतीय जहाज?

युद्ध के माहौल में किसी भी जहाज का होर्मुज से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि यह जलमार्ग उसके “पूरी तरह और सख्त नियंत्रण” में है। हालांकि, भारत ने इसके लिए एक मल्टी लेवल रणनीति अपनाई है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नौसेना ने ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ शुरू किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद बताया कि भारतीय नौसेना इस समय खाड़ी इलाके में फंसे भारत के तेल टैंकरों को सुरक्षित बाहर निकाल रही है।

खास तौर पर, नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे बेहद अहम और संवेदनशील समुद्री रास्ते से गुजरने वाले भारतीय जहाजों को सुरक्षा देकर बाहर ला रही है।

केरल में एक कार्यक्रम- सैनिक सम्मान सम्मेलन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कूटनीतिक समझदारी का इस्तेमाल करके खाड़ी इलाके में भारत के हितों की रक्षा कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और किसी भी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

साथ ही इसमें एक सबसे खास बात ये भी है कि भारत के संबंध ईरान और अमेरिका दोनों से बेहतर हैं। भारत ने अपनी तटस्थ छवि का फायदा उठाकर यह सुनिश्चित किया है कि उसके जहाजों को निशाना न बनाया जाए।

Crude Import: क्या सच में है ईरान के साथ पेमेंट की दिक्कत? सरकार ने दिया जवाब, कहा- सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।