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भारत ने ईरानी वॉरशिप IRIS Lavana के क्रू मेंबर्स को वापस भेजा, अमेरिका से जंग के बीच दी थी पनाह

बताया गया है कि इस युद्धपोत पर कुल 183 क्रू सदस्य थे। इनमें से 50 से अधिक लोग अभी भी भारत में ही हैं, क्योंकि जहाज की मरम्मत का काम चल रहा है और वह अभी कोच्चि बंदरगाह पर ही खड़ा है। हालांकि जहाज के कुछ गैर-जरूरी क्रू सदस्यों को भारत से वापस भेज दिया गया है। ये नाविक एक तुर्की एयरलाइन की उड़ान से भारत से रवाना हुए

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 14, 2026 पर 7:36 PM
भारत ने ईरानी वॉरशिप IRIS Lavana के क्रू मेंबर्स को वापस भेजा, अमेरिका से जंग के बीच दी थी पनाह
भारत ईरानी नौसेना के जहाज IRIS लावन (Lavan) के 100 से अधिक नॉन-एसेंशियल क्रू मेंबर को उनके देश वापस भेज दिया है।

भारत ईरानी नौसेना के जहाज IRIS लावन (Lavan) के 100 से अधिक नॉन-एसेंशियल क्रू मेंबर को उनके देश वापस भेज दिया है। हालांकि, यह युद्धपोत अभी भी दक्षिणी बंदरगाह कोच्चि पर ठहरा हुआ है। इस घटनाक्रम से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इन नाविकों को मानवीय आधार पर भारत की मदद से शुक्रवार देर रात तुर्किये की एयरलाइंस की उड़ान से वापस भेजा गया। बता दें कि, अमेरिकी पनडुब्बी के श्रीलंका के तट पर ईरानी वॉरशिप को निशाना बनाने से कुछ दिन पहले ईरान ने भारत से अपने एक अन्य जहाज, IRIS लावन के लिए मदद मांगी थी। यह जहाज एक्ससाइज और इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के सिलसिले में क्षेत्र में मौजूद था। भारत ने उस ईरानी जहाज को डॉकिंग की परमिशन दी थी।

शिप में सवार थे 183 क्रू मेंबर 

बताया गया है कि इस युद्धपोत पर कुल 183 क्रू सदस्य थे। इनमें से 50 से अधिक लोग अभी भी भारत में ही हैं, क्योंकि जहाज की मरम्मत का काम चल रहा है और वह अभी कोच्चि बंदरगाह पर ही खड़ा है। हालांकि जहाज के कुछ गैर-जरूरी क्रू सदस्यों को भारत से वापस भेज दिया गया है। ये नाविक एक तुर्की एयरलाइन की उड़ान से भारत से रवाना हुए। सूत्रों के अनुसार, यह विमान पहले श्रीलंका की राजधानी कोलंबो गया था। वहां से यह 80 से अधिक ईरानी नाविकों के शव लेकर कोच्चि पहुंचा था। ये नाविक एक दूसरे ईरानी युद्धपोत के क्रू सदस्य थे, जिसे 4 मार्च को श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी ने डुबो दिया था। विमान बाद में कोच्चि से गैर-ज़रूरी ईरानी नाविकों को लेकर रवाना हो गया।

कोच्चि पर डॉक है जहाज

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