Pahalgam Terror Attack: सर्जिकल स्ट्राइक, सीक्रेट मिशन या मिसाइल हमला? पहलगाम का जवाब कैसे देगा भारत

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी रणनीति पर सबकी नजर है। पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा है कि भारत पहलगाम आतंकी हमले का 'जोरदार और स्पष्ट' जवाब देगा। आइए समझते हैं कि भारत किस तरह से पहलगाम आतंकी हमले का जवाब दे सकता है।

अपडेटेड Apr 23, 2025 पर 8:17 PM
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2019 में पुलवामा हमले के बाद भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक की थी।

Pahalgam Terror Attack: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भारत 'जोरदार और स्पष्ट' जवाब देगा। उनका यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सख्त प्रतिक्रिया के बाद आया है। राजनाथ सिंह ने दो टूक कहा, 'हम न सिर्फ हमलावरों का पीछा करेंगे, बल्कि उन लोगों को भी बेनकाब करेंगे जो पर्दे के पीछे से इस हमले की साजिश में शामिल हैं।'

मंगलवार को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं। रक्षा विशेषज्ञों ने इसे 'युद्ध की कार्यवाही' माना है। उनका कहना है कि इस आतंकी हमले से क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों के पास सैन्य-स्तर के हथियार और कम्युनिकेशन के लिए अत्याधुनिक उपकरण थे। इससे हमले में बाहरी समर्थन की भूमिका स्पष्ट होती है।

अमेरिका स्थित विदेश नीति विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन का कहना है कि पहलगाम हमला भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (LoC) पर शांति के अंत की शुरुआत हो सकता है। उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर लिखा, 'LoC पिछले चार साल से अपेक्षाकृत शांत था। लेकिन पहलगाम हमले के बाद वहां की स्थिरता पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।'


पहलगाम आतंकी हमले की पाकिस्तान के हाफिज सईद के आतंकवादी संगठन जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी समूह The Resistance Front (TRF) ने ली है। अब सवाल उठता है कि भारत पहलगाम हमले का जवाब कैसे दे सकता है।

भारत के पास क्या सैन्य विकल्प हैं?

भारत के पास इस हमले के जवाब में कई सैन्य विकल्प हैं। इनमें से कुछ पहले भी सफलतापूर्वक आजमाए जा चुके हैं।

सर्जिकल स्ट्राइक

भारत अपनी स्पेशल फोर्सेज को LoC पार भेज सकता है ताकि आतंकियों के लॉन्चपैड या इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सटीक हमला किया जा सके। ये हमले तेज, सीमित और संकेत देने वाले होते हैं। 2016 की उरी के बाद की स्ट्राइक इसका उदाहरण है। PoK में LeT और जैश जैसे संगठनों के कई कैंप अब भी सक्रिय बताए जाते हैं।

एयरस्ट्राइक

अगर रणनीतिक तौर पर उचित समझा गया, तो भारत PoK या पाकिस्तान के भीतर स्थित आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर एयरस्ट्राइक कर सकता है। 2019 में पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयरस्ट्राइक की गई थी।

LoC पर जवाबी गोलाबारी

भारत त्वरित और आक्रामक प्रतिक्रिया के तहत भारी तोपों और गाइडेड हथियारों से पाकिस्तान की उन सैन्य चौकियों को निशाना बना सकता है जो आतंकी घुसपैठ में सहयोग करती हैं।

सीक्रेट मिशन

इंटेलिजेंस आधारित विशेष अभियानों के जरिए आतंकवादियों या उनके नेताओं को लक्ष्य बनाकर कार्रवाई की जा सकती है। इनमें साइबर हमले, लॉजिस्टिक नेटवर्क को बाधित करना और सीक्रेट मिशन शामिल हो सकते हैं।

मिसाइल हमले

अगर हालात बेहद गंभीर हो जाएं, तो भारत ब्रह्मोस जैसे लॉन्ग-रेंज क्रूज मिसाइलों से आतंकवाद से जुड़े ठिकानों को निशाना बना सकता है। हालांकि, यह विकल्प भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे युद्ध की शुरुआत का संकेत भी हो सकता है।

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