जम्मू कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए खूंखार आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बल अब पूरे एक्शन मोड में आ गए हैं। आतंकी हमले के एक दिन बाद पूरे कश्मीर से 1500 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने बुधवार को दक्षिण कश्मीर से 250 से ज्यादा लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। इस हमले में 28 पर्यटक मारे गए थे।
CNN-News18 ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि आतंकी रिकॉर्ड वाले 1500 ऑवरग्राउंड वर्कर (OGWs) को शक के आधार पर हिरासत में लिया गया है। पकड़े गए लोगों के खिलाफ पहले से ही किसी न किसी घटना से जुड़े केस दर्ज हैं।
ये जानकारी ऐसे समय आई, जब नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक चल रही है। इस हाई लेवल मीटिंग में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जय शंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सेमत कई बड़े अधिकारी मौजूद हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के सूत्रों ने बताया कि पहलगाम हमले के बाद से कश्मीर घाटी में 1,500 से ज्यादा सक्रिय कार्यकर्ताओं और ऐसे लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनका आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का रिकॉर्ड है और जिनके खिलाफ FIR दर्ज हैं।
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े (LeT) द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरन में पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें विदेशी नागरिकों सहित 28 पर्यटकों की मौत हो गई।
बुधवार को भी दक्षिणी कश्मीर में सुबह से ही आतंकवाद विरोधी अभियान में तेजी देखी गई। सुरक्षा बलों ने उरी नाला में नियंत्रण रेखा (LOC) पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया और आतंकवादियों को पकड़ने के लिए कुलगाम और तंगीमार्ग में अभियान शुरू किया है।
CNN-News18 ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि इंटेलिजेंस इनपुट से पता चलता है कि नियंत्रण रेखा (LOC) के पार 42 आतंकी लॉन्चपैड हैं, जिनमें वर्तमान में करीब 110 से 130 आतंकवादी मौजूद हैं। इनमें से 10 लॉन्चपैड कश्मीर के अपॉजिट सेक्टरों में हैं, जबकि 32 SPPR रीजन के अपॉजिट हैं।