Get App

India Russia Trade: रूस से इंपोर्ट में आई 40% की भारी गिरावट, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का दिखने लगा असर!

India Russia Imports: भारत और रूस के द्विपक्षीय व्यापार में करीब 80% हिस्सेदारी अकेले कच्चे तेल की होती है। पिछले तीन सालों (2023-2025) में भारत ने रूस से भारी छूट पर तेल खरीदा था, जिससे भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 35% से ऊपर पहुंच गई थी। हालांकि, जनवरी के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय रिफाइनरियों ने अब रूसी तेल की खरीद धीमी कर दी है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Feb 18, 2026 पर 10:46 AM
India Russia Trade: रूस से इंपोर्ट में आई 40% की भारी गिरावट, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का दिखने लगा असर!
रूस से आयात घटने की सबसे बड़ी वजह अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील को माना जा रहा है

India's Imports From Russia: जनवरी 2026 में रूस से होने वाले भारत के आयात में 40.5% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कच्चे तेल की खरीद में आई इस कमी के पीछे मुख्य रूप से भारत और अमेरिका के बीच हुआ नया व्यापार समझौता माना जा रहा है। एक साल पहले जहां भारत ने रूस से $4.81 बिलियन का सामान मंगाया था, वहीं इस साल जनवरी में यह घटकर महज $2.86 बिलियन रह गया है।

कच्चे तेल की खरीद में क्यों आई कमी?

भारत और रूस के द्विपक्षीय व्यापार में करीब 80% हिस्सेदारी अकेले कच्चे तेल की होती है। पिछले तीन सालों (2023-2025) में भारत ने रूस से भारी छूट पर तेल खरीदा था, जिससे भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 35% से ऊपर पहुंच गई थी। हालांकि, जनवरी के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय रिफाइनरियों ने अब रूसी तेल की खरीद धीमी कर दी है। ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि अब खरीद के फैसले केवल छूट पर नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लिए जा रहे है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का प्रभाव

सब समाचार

+ और भी पढ़ें