India–US Trade Deal: 'जल्द ही होगा औपचारिक ऐलान, टैरिफ में मिलेगी बड़ी राहत', भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बोले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

India–US Trade Deal: अमेरिका के साथ डील के अलावा, पीयूष गोयल ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के साथ भी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में बड़ी प्रगति की जानकारी दी। लगभग दो दशकों से अटकी इस चर्चा को पुनर्जीवित करते हुए भारत अब इसके लिए 'नियमों की शर्तों' पर हस्ताक्षर कर रहा है

अपडेटेड Feb 05, 2026 पर 3:15 PM
Story continues below Advertisement
पीयूष गोयल ने कहा यह समझौता न केवल व्यापारिक बाधाओं को कम करेगा, बल्कि भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका में नई संभावनाएं भी खोलेगा

India–US Trade Deal: बीते दिनों भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान हुआ। अब केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की है कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते की पहली किस्त लगभग तैयार है। अगले चार से पांच दिनों के भीतर दोनों देशों की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया जा सकता है, जिसके बाद कार्यकारी आदेश जारी होते ही टैरिफ में 18 प्रतिशत की कटौती प्रभावी हो जाएगी। पीयूष गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि एक अधिक व्यापक और औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर करने का लक्ष्य मार्च के मध्य तक रखा गया है।

टैरिफ में बड़ी राहत के साथ संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा

पीयूष गोयल ने संसद में बताया कि पिछले एक साल से दोनों देशों की टीमें एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते के लिए गहन चर्चा कर रही थीं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया ऐलान के मुताबिक, भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी आयात शुल्क 25% से घटकर 18% हो जाएगा। गोयल ने जोर दिया कि इस बातचीत के दौरान दोनों देशों ने अपने-अपने संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने की कोशिश की है। यह समझौता न केवल व्यापारिक बाधाओं को कम करेगा, बल्कि भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका में नई संभावनाएं भी खोलेगा।


खाड़ी देशों (GCC) के साथ भी होगी नई ट्रेड डील

अमेरिका के साथ डील के अलावा, पीयूष गोयल ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के साथ भी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में बड़ी प्रगति की जानकारी दी। लगभग दो दशकों से अटकी इस चर्चा को पुनर्जीवित करते हुए भारत अब इसके लिए 'नियमों की शर्तों' पर हस्ताक्षर कर रहा है। भारत का GCC देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान में $179 बिलियन है। इस पूर्ण FTA से खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा लाभ भारतीय किसानों और पेट्रोकेमिकल जैसे क्षेत्रों से जुड़े निर्माताओं को होगा।

भारत की बदलती ऊर्जा नीति

पीयूष गोयल का ये बयान राष्ट्रपति ट्रंप के उस दावे के बाद आया हैं जिसमें कहा गया था कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करने और अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाने पर सहमत हो गया है। हालांकि भारत ने हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखा है, लेकिन अमेरिका के साथ यह नई डील भू-राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है। खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में टैरिफ कम होने से भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच व्यापारिक संबंधों का एक नया स्वर्ण युग शुरू होगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।