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India-US Trade Deal Highlights: ''ट्रेड डील के तहत कृषि और डेयरी सेक्टर सुरक्षित'; भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पीयूष गोयल बोले- 'किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा'

India-US Trade Deal Highlights: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (2 फरवरी) रात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद कहा कि भारत और अमेरिका एक ट्रेड डील पर सहमत हो गए हैं। इसके तहत वॉशिंगटन भारतीय सामानों पर रेसिप्रोक्ल टैरिफ को मौजूदा 25% से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इसके बाद केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार (3 फरवरी) को इसके बारे में डिटेल्स जानकारी दी

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Feb 03, 2026 पर 6:09 PM
India-US Trade Deal Highlights: ''ट्रेड डील के तहत कृषि और डेयरी सेक्टर सुरक्षित'; भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पीयूष गोयल बोले- 'किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा'
India-US Trade Deal: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कहा कि हम सभी के लिए एक शानदार डील है

India-US Trade Deal Highlights:  वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार (3 फरवरी) शाम को दिल्ली स्थित 'वाणिज्य भवन' में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पहली बार बयान दिया। इस दौरान गोयल ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस डील से किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (2 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं। इसके तहत वाशिंगटन भारतीय सामानों पर रेसिप्रोक्ल टैरिफ को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 फीसदी पर लाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि 'मेड इन इंडिया' उत्पादों पर अब 18 प्रतिशत का कम टैरिफ लगेगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता घरेलू किसानों, MSMEs, उद्यमियों और कुशल कामगारों के लिए बड़े अवसर खोलेगा। यह 'मेक इन इंडिया' पहल को बढ़ावा देगा।

उन्होंने आगे कहा कि यह विकास साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम करने के लिए दो समान विचारधारा वाले, निष्पक्ष व्यापार करने वाले लोकतंत्रों की शक्ति को दर्शाता है। गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों स्वाभाविक सहयोगी हैं और हमारी साझेदारी प्रौद्योगिकियों का सह-निर्माण करेगी, समाधान विकसित करेगी और शांति, विकास तथा दोनों देशों के उज्जवल भविष्य के लिए मिलकर काम करेगी।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी इसे ऐतिहासिक व्यापार समझौता बताते हुए कहा कि यह दो स्वाभाविक लोकतांत्रिक भागीदारों के लिए साझा समृद्धि, इनोवेशन और विकास के रास्ते खोलेगा। उन्होंने इसके लिए भारत और अमेरिका के लोगों को बधाई दी। यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कपड़ा, परिधान, चमड़ा और समुद्री उत्पाद जैसे कई क्षेत्र अमेरिका को सामान निर्यात करने में चुनौतियों का सामना कर रहे थे। उन्हें वहां 50 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ रहा था।

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