India-US trade deal : US ट्रेड डील पर उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने CNBC- आवाज़ के साथ मेगा एक्सक्लूसिव किया है। उन्होंने कहा है कि मार्च के तीसरे हफ्ते तक पूरी तरह डील लागू हो जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि भारत में पूरी दुनिया से निवेश आएगा। 50% से 18% ड्यूटी घटाने का फैसला अगले हफ्ते से लागू होगा।
मार्च के तीसरे हफ्ते तक पूरी तरह लागू हो जाएगी डील
उन्होंने आगे कहा कि यह डील मार्च के तीसरे हफ्ते तक पूरी तरह लागू हो जाएगी। स्मार्ट फोन पर जीरो ड्यूटी जारी रहेगी। जेम्स और डायमंड पर भी ड्यूटी खत्म हो गई है। जेनरिक फार्मा प्रोडक्ट पर भी जीरो ड्यूटी का भरोसा है। इस डील से टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए दुनिया में बड़ा बाजार खुला है।
कूटनीतिक स्तर पर ट्रेड डील से बड़ा संदेश
कूटनीतिक स्तर पर ट्रेड डील से बड़ा संदेश गया है। ट्रेड डील के बाद दोनों देशों के संबंध मजबूत हुए हैं। डील दोनों देशों के लोग और बिजनेस को जोड़ेगी। US के निवेश के साथ दुनिया का निवेश भी बढ़ेगा। यह भारतीय कंपनियों के लिए एक स्वर्णिम दौर होगा। अब जेम्स, ज्वेलरी पर जीरो ड्यूटी लगेगी। गोल्ड ज्वेलरी पर ड्यूटी घटकर अब 18% होगी। जेनेरिक दवाओं पर भी जीरो ड्यूटी पर बात जारी है। स्मार्टफोन पर जीरो ड्यूटी जारी रहेगी।
प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले सबसे कम टैरिफ
प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले भारत पर सबसे कम टैरिफ लगाया गया है। इससे देश का एक्सपोर्ट बढ़ेगा और रोजगार में भी बढ़ोतरी होगी। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। डील से स्टार्टअप्स के लिए बड़ा मौका खुलेगा। एक्सपोर्टर कंपनियों का मार्केट शेयर बरकरार है। श्रिम्प एक्सपोर्टर्स ने पोर्टफोलियो को भी बढ़ाया है। आगे और प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी घटाने पर चर्चा होगी।
ट्रेड डील से दोनों देशों की क्षमता बढ़ेगी
ट्रेड डील से दोनों देशों की क्षमता बढ़ेगी। AI और क्वांटम कंम्यूटिंग क्षमता बढ़ेगी। एयरक्राफ्ट सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ संभव है। सही दाम पर क्वालिटी प्रोडक्ट मिलेंगे।
भारतीय किसानों पर डील का निगेटिव असर नहीं
इस बातचीत में वाणिज्य मंत्री ने आगे कहा कि भारतीय किसानों पर डील का निगेटिव असर नहीं होगा। अमेरिकी एग्री प्रोडक्ट्स से कोई चिंता नहीं है। मक्का, मीट, पोल्ट्री, डेयरी प्रोडक्ट्स, GM फूड, सोया, मक्का, चावल, सिट्रस फूड, हरी मटर, ग्राउंड नट, नॉन-अल्कोहलिक प्रोडक्ट और टौबैको डील का हिस्सा नहीं होंगे।
सेब किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया
डिमांड के मुकाबले देश में सेब का उत्पादन कम है। डिमांड गैप कम करने के लिए सेब का इंपोर्ट होता है। जितना सेब अभी US से आता है उससे कम कोटा डील में दिया गया है। अमेरिका से तय कोटा से ज्यादा सेब इंपोर्ट नहीं होगा। डील में सेब किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। सेब किसानों को कोई भी नुकसान नहीं होगा।
ट्री-नट्स पर अलग-अलग तरह का ड्यूटी स्ट्रक्चर, कॉटन किसानों को भी कोई चिंता नहीं करनी चाहिए
देश में ट्री-नट्स का उत्पादन काफी कम है। पहले से भारी मात्रा में ट्री-नट्स इंपोर्ट होते हैं। ट्री-नट्स पर अलग-अलग तरह का ड्यूटी स्ट्रक्चर होगा। जो कॉटन भारत में नहीं होता सिर्फ उसके इंपोर्ट की इजाजत दी गई है। इसलिए कॉटन किसानों को भी कोई चिंता नहीं करनी चाहिए।
मध्य मार्च तक डील लागू होने की उम्मीद
उन्होने आगे कहा कि ट्रेड डील में बासमती चावल पर टैरिफ 18 फीसदी हो जाएगा। अमेरिका से भारत में बहुत कम गाड़ियां आती हैं। वाइन और स्पिरिट्स में कई छूट दी गई हैं। भारत से वाइन और स्पिरिट्स का बड़ा एक्सपोर्ट होगा। मध्य मार्च तक डील लागू होने की उम्मीद है।