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India-US Trade Deal: अमेरिकी दाल नहीं होगी सस्ती? व्हाइट हाउस ने बदली शर्तें

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच जिस कारोबारी डील को लेकर सहमति बनी है, उसमें अहम बदलाव आया है। एक तो ये कि अमेरिकी दाल का जिक्र हटा दिया तो $50 हजार करोड़ के सामान भारत खरीदेगा. इसे लेकर भी अहम बदलाव हुआ है। जानिए कि दालों का जिक्र हटने का मतलब क्या है और $50 हजार करोड़ के अमेरिकी सामानों की खरीदारी को लेकर क्या बदला है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Feb 11, 2026 पर 1:05 PM
India-US Trade Deal: अमेरिकी दाल नहीं होगी सस्ती? व्हाइट हाउस ने बदली शर्तें
India-US Trade Deal: व्हाइट हाउस ने 9 फरवरी को 'द यूनाइटेड स्टेट्स एंड इंडिया अनाउंसेज हिस्टोरिक ट्रेड डील' जारी किया था जिसमें अब थोड़ा लेकिन अहम बदलाव किया गया है।

India-US Trade Deal: व्हाइट हाउस ने भारत और अमेरिका के बीच की कारोबारी डील से जुड़ी फैक्ट शीट में बदलाव किया है। इसमें दालों का जिक्र हटा दिया गया है और साथ ही भारत की तरफ से $50 हजार करोड़ की खरीदारी के प्रस्ताव को लेकर 'प्रतिबद्धता' को बदलकर 'इरादा' कर दिया है। ये बदलाव इसलिए काफी अहम क्योंकि देश के फार्म सेक्टर के लिए एग्रीकल्चरल इंपोर्ट खासतौर से दाल काफी संवेदनशील है। व्हाइट हाउस ने 9 फरवरी को 'द यूनाइटेड स्टेट्स एंड इंडिया अनाउंसेज हिस्टोरिक ट्रेड डील' जारी किया था जिसमें अब थोड़ा लेकिन अहम बदलाव किया गया है।

क्या था पहले और अब क्या है?

मंगलवार को व्हाइट हाउस ने जो फैक्ट शीट जारी की, उसमें प्रोडक्ट्स की लिस्ट में 'कुछ दालों' का भी जिक्र था जिन पर भारत या तो टैरिफ कम करता या हटा देता। पहले की फैक्ट शीट में कहा गया था कि अमेरिका के सभी इंडस्ट्रियल गुड्स के साथ-साथ DDGs (ड्राई डिस्टिलर्स ग्रेन्स), लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रोसेस्ड फल, कुछ दाल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट्स जैसे एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स पर भारत या तो टैरिफ घटाएगा या हटाएगा। अब इसमें बदलाव किया गया है और दाल का जिक्र हटा दिया गया है। इसके अलावा अब नई फैक्ट शीट में कहा गया है कि भारत का इरादा $50 हजार करोड़ के अमेरिकी एनर्जी, इंफॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, कोयला और अन्य प्रोडक्ट्स की खरीदारी का है।

कितना दाल आयात करता है भारत और अमेरिका की कितनी है हिस्सेदारी?

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