US Ambassador to India: अमेरिका के मनोनीत राजदूत सर्जियो गोर ने घोषणा की है कि भारत को 'पैक्स सिलिका' में शामिल होने के लिए इनवाइट किया जाएगा। Pax Silica गठबंधन एक इनोवेशन आधारित सिलिकॉन सप्लाई चेन बनाने के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाली रणनीतिक पहल है। गोर ने सोमवार (12 जनवरी) को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत 'पैक्स सिलिका' गठबंधन का सदस्य होगा। उन्होंने कहा, "मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत को अगले महीने राष्ट्रों के इस समूह में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।"
राजदूत सर्जियो गोर ने यह भी कहा कि अमेरिका के लिए कोई भी देश भारत जितना महत्वपूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते को मजबूत करने में सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली आने पर एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं। लेकिन अंत में हमेशा अपने मतभेद सुलझा लेते हैं।
अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों की उपस्थिति में एक समारोह में उन्होंने कहा, "भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है। इसलिए इसे अंतिम चरण तक पहुंचाना आसान काम नहीं है। लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।" गोर ने आगे कहा, "व्यापार हमारे संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन हम सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर मिलकर काम करना भी जारी रखेंगे।"
सर्जियो गोर ने कहा, "मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पूरी दुनिया की यात्रा की है। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी दोस्ती सच्ची है।" उन्होंने कहा, "पैक्स सिलिका अमेरिका के नेतृत्व वाली एक रणनीतिक पहल है, जो महत्वपूर्ण खनिजों से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग तक है।" उन्होंने आगे कहा. "आज, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत को इस समूह में शामिल होने के लिए इनवाइट किया जाएगा।"
'पैक्स सिलिका' एक अमेरिका के नेतृत्व वाला रणनीतिक ढांचा है जिसे एक सुरक्षित, समृद्ध और इनोवेशन-संचालित सिलिकॉन सप्लाई चेन बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा इनपुट से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स तक सब कुछ शामिल है।
विश्वसनीय भागीदारों के साथ गहरे सहयोग पर आधारित इस पहल का मकसद जबरदस्ती निर्भरता को कम करना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए मौलिक सामग्री और क्षमताओं की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्र बड़े पैमाने पर परिवर्तनकारी तकनीकों को विकसित एवं तैनात करने में सक्षम हों।
पहले पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन में जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया ने भाग लिया। इसके अलावा ताइवान, यूरोपीय संघ, कनाडा और OECD के भी मेंबर्स शामिल हुए।