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अंतरिक्ष में इतिहास रचने को तैयार शुभांशु शुक्ला, 29 मई को स्पेस स्टेशन के लिए भरेंगे उड़ान, इस मिशन में हैं शामिल

Indian Astronaut Shubhanshu Shukla : शुभांशु 29 मई को रात 10:33 बजे IST पर स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्षयान में सवार होकर उड़ान भरेंगे। वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 14 दिन के प्रवास के दौरान 7 प्रयोग करेंगे, जिसमें फसल उगाना और अंतरिक्ष में सूक्ष्मजीव (वॉटर बीयर्स) के बारे में अध्ययन करना भी शामिल है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 29, 2025 पर 9:36 PM
अंतरिक्ष में इतिहास रचने को तैयार शुभांशु शुक्ला, 29 मई को स्पेस स्टेशन के लिए भरेंगे उड़ान, इस मिशन में हैं शामिल
शुभांशु शुक्ला फ्लोरिडा से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरेंगे।

Indian Astronaut Shubhanshu Shukla : भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला जल्द ही इतिहास रचने जा हैं। शुभांशु शुक्ला 29 मई को फ्लोरिडा से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरेंगे। वह एक्सिओम मिशन-4 (Ax-4) का हिस्सा हैं, जो ISS के लिए भेजा जाने वाला चौथा निजी अंतरिक्ष मिशन है। शुभांशु 29 मई को रात 10:33 बजे IST पर स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्षयान में सवार होकर उड़ान भरेंगे। वह, ISS पर 14 दिन के प्रवास के दौरान 7 प्रयोग करेंगे, जिसमें फसल उगाना और अंतरिक्ष में वॉटर बीयर्स के बारे में स्टडी करना शामिल है।

शुभांशु शुक्ला शुक्ला पिछले आठ महीनों से नासा और निजी कंपनी एक्सिओम स्पेस के साथ मिलकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। वे 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के दूसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री होंगे। इस मिशन में शुभांशु शुक्ला शुक्ला के साथ तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं — अमेरिका की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोज़ उज़्नान्स्की-विस्निएव्स्की, और हंगरी के मैकेनिकल इंजीनियर टिबोर कापू।

शुभांशु शुक्ला, गगनयान का भी हैं हिस्सा

शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनका करियर जून 2006 में भारतीय वायुसेना के फाइटर विंग से शुरू हुआ। एक अनुभवी फाइटर पायलट और टेस्ट पायलट के रूप में, उन्होंने Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और An-32 जैसे विमानों पर कुल 2,000 घंटे से अधिक की उड़ान भरी है। 2019 में उन्हें इसरो से एक अहम कॉल मिला, जिसके बाद उन्होंने रूस के स्टार सिटी स्थित यूरी गगारिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण शुरू किया। साल भर चले इस कठिन प्रशिक्षण ने उन्हें भविष्य के मिशनों के लिए तैयार किया।

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