अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भारत ने तोड़ी चुप्पी, कहा- नए डेवलपमेंट और उसके असर का अध्ययन कर रही है सरकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से पिछले साल भारत समेत करीब 60 देशों के खिलाफ जारी किए गए टैरिफ ऑर्डर्स को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रद्द घोषित कर दिया। इसके बाद ट्रंप ने अमेरिका में आने वाले इंपोर्ट पर टैरिफ को मौजूदा लागू रेट के अलावा 10% बढ़ाने का फैसला किया है

अपडेटेड Feb 21, 2026 पर 5:55 PM
Story continues below Advertisement
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि शुक्रवार को टैरिफ के बारे में आया अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारे संज्ञान में है।

भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि सरकार अमेरिका में टैरिफ से जुड़े ताजा घटनाक्रम और उसके संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रही है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “शुक्रवार को टैरिफ के बारे में आया अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारे संज्ञान में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया है।” बयान में कहा गया, “अमेरिकी प्रशासन की तरफ से कुछ कदमों की घोषणा की गई है। हम इन सभी घटनाक्रमों का उनके प्रभावों को लेकर अध्ययन कर रहे हैं।”

ट्रंप की तरफ से पिछले साल भारत समेत करीब 60 देशों के खिलाफ जारी किए गए टैरिफ ऑर्डर्स को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रद्द घोषित कर दिया। कोर्ट ने फैसले में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बड़े लेवी लगाकर अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल किया। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ट्रंप ने अमेरिका में आने वाले इंपोर्ट पर टैरिफ को मौजूदा लागू रेट के अलावा 10% बढ़ाने का फैसला किया है।

साथ ही ट्रंप ने दूसरे कानूनों के तहत नई जांच का आदेश दिया है, जिससे वह टैरिफ फिर से लगा सकें। ट्रंप ने शुक्रवार देर रात एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए। इसके तहत मंगलवार, 24 जनवरी से 150 दिनों के लिए ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत 10% का नया टैरिफ लगाया जाएगा।


भारत पर कितना लगाया था टैरिफ

अमेरिका ने भारत पर अगस्त 2025 में 25 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था। फिर रूस से तेल की खरीद को लेकर सजा के तौर पर भारतीय सामान पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया। इसके बाद भारत पर अमेरिका के नए टैरिफ की दर 50 प्रतिशत हो गई। हालांकि अमेरिका, रूस से तेल खरीद को लेकर लगाए गए 25 प्रतिशत के अतिरिक्त टैरिफ को 7 फरवरी 2026 से हटा चुका है। इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच साइन होने वाले अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क फरवरी महीने की शुरुआत में तय हुआ था। कहा गया था कि समझौते के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा।

India-Brazil Trade: द्विपक्षीय व्यापार को अगले 5 सालों में 20 अरब डॉलर तक लेकर जाएंगे भारत और ब्राजील

लेकिन अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप के नए आदेश के बाद अमेरिका में भारतीय सामान पर एक्स्ट्रा टैरिफ की दर 10 प्रतिशत रह जाएगी। व्हाइट हाउस ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन के साथ टैरिफ डील करने वाले ट्रेडिंग पार्टनर्स को एक्स्ट्रा टैरिफ के तौर पर 10 प्रतिशत ड्यूटी का सामना करना पड़ेगा। भले ही पहले हुई डील्स के तहत ज्यादा टैरिफ रेट पर सहमति बनी हो, लेकिन अब उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अमेरिका के ट्रेडिंग पार्टनर्स में भारत भी शामिल है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत के साथ ट्रेड डील में कुछ भी नहीं बदला है। द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले फेज के लिए लीगल टेक्स्ट को फाइनल करने के लिए भारतीय टीम 23 फरवरी, 2026 से वॉशिंगटन में अपने समकक्षों से मिलने वाली है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।