Operation Sindoor : भारत और पाकिस्तान के बीच हुए शनिवार को सीजफयार के बाद भारतीय सेना ने रविवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर पर डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की जानकारी दी। इस प्रेस कॉफ्रेंस में वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने बताया कि भारतीय नौसेना 9 मई की रात पाकिस्तान की समुद्री सीमा में उसके मिलिट्री एस्टेब्लिशमेंट, कराची पोर्ट को पूरी तरह से निशाना बनाने को तैयार थी।
अरब सागर में तैनात थी नौसेना
वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने रविवार को बताया कि जब भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, उस समय भारतीय नौसेना पूरी तैयारी और क्षमता के साथ मोर्चे पर तैनात थी। नौसेना कराची सहित समुद्र और ज़मीन पर चुनिंदा लक्ष्यों को सटीक रूप से निशाना बनाने में पूरी तरह सक्षम थी। तीनों सेनाओं की संयुक्त मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा,"हमारी नौसेना बल अरब सागर में अग्रिम मोर्चे पर पूरी तत्परता के साथ तैनात रही। हम समुद्र और ज़मीन दोनों पर चुनिंदा लक्ष्यों पर हमला करने की निर्णायक स्थिति में थे।"
पाकिस्तान की नौसेना बैकफुट पर आई
भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया।भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिससे आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। इस दौरान भारतीय नौसेना स्टैंडबाय पर तैनात रही। वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने बताया कि भारतीय नौसेना की अग्रिम तैनाती ने पाकिस्तान की नौसेना को बैकफुट पर ला दिया, जिसकी गतिविधियां अधिकतर बंदरगाहों के भीतर या तट के बेहद करीब सिमट गईं।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि, हमारे पास उनके हर बेस पर हर सिस्टम को निशाना बनाने की क्षमता है। हम चाहते हैं कि हमारे शत्रु आगे तनाव बढ़ाने की कोशिश ना करें। हमारी लड़ाई पाकिस्तानी मिलिट्री या किसी और से नहीं है। हमारी लड़ाई आतंकवादियों से है, जिन्हें हमने निशाना बनाया, लेकिन उन्होंने ड्रोन, यूएवी से हमला किया। हमारे पास जवाब देने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। हम यह करने की क्षमता रखते हैं।