Indian Railways: रेलवे ने ब्लॉगिंग और वीडियोग्राफी पर लगा बैन, आया ये नया नियम...उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

Indian Railways : बता दें कि, ट्रेन संचालन, लोकोमोटिव केबिन और रेलवे स्टाफ के पर्दे के पीछे के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इसी को देखते हुए भारतीय रेलवे ने अब इस ट्रेंड पर रोक लगाने का फैसला किया है

अपडेटेड Dec 08, 2025 पर 11:12 PM
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आजकल कई लोगों ने व्लॉगिंग को अपनी फुल टाइम जॉब ही बना लिया है

आजकल कई लोगों ने व्लॉगिंग को अपनी फुल टाइम जॉब ही बना लिया है और अपने ऑफिस टाइम में भी लोग वीडियो बनाते हैं। वहीं अब भारतीय रेलवे ने ड्यूटी टाइम पर कर्मचारियों द्वारा ब्लॉगिंग और वीडियोग्राफी पर कोल लगा दी है। रेलवे कर्मियों द्वारा ड्यूटी के दौरान व्लॉगिंग करने व वीडियोग्राफी, लाइव स्ट्रीमिंग कर सोशल मीडिया में अपलोड करने पर चिंता जताई है। रेलवे ने इसे तय आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है। साथ ही इसे जोखिम भरा बताते हुए, ऑफिशियल ड्यूटी में रुकावट, सुरक्षा में कमी, गोपनीयता का उल्लंघन और प्रोफेशनल छवि को नुकसान पहुंचाना माना है।

रेलवे ने जारी किया ये आदेश 

बता दें कि, ट्रेन संचालन, लोकोमोटिव केबिन और रेलवे स्टाफ के पर्दे के पीछे के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इसी को देखते हुए भारतीय रेलवे ने अब इस ट्रेंड पर रोक लगाने का फैसला किया है। साउथ ईस्टर्न रेलवे ज़ोन ने आदेश जारी किया है कि कोई भी कर्मचारी ड्यूटी के दौरान या रेलवे के आधिकारिक परिसर में व्लॉगिंग, वीडियो रिकॉर्डिंग या लाइव स्ट्रीमिंग नहीं कर सकता। आदेश में कहा गया है कि गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ रेलवे सर्वेंट्स (डिसिप्लिन एंड अपील) नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अन्य रेलवे ज़ोन भी जल्द इसी तरह के नियम लागू कर सकते हैं, क्योंकि यह ट्रेंड कई डिवीज़नों में बढ़ता हुआ देखा जा रहा है।


रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “किसी भी रेलवे कर्मचारी को अपने ड्यूटी चार्टर से हटकर कोई काम करने की इजाजत नहीं है। नियमों की किताब में हर बात साफ लिखी है। यह रिमाइंडर इसलिए जरूरी हो गया है क्योंकि हाल ही में नियम तोड़ने के मामले बढ़े हैं, जबकि ऐसा होना ही नहीं चाहिए।” साउथ ईस्टर्न रेलवे ने अपने कंट्रोलिंग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है कि वे इन नियमों को सख्ती से लागू कराएं और सभी डिवीजन के कर्मचारियों को इनके बारे में पूरी तरह जागरूक करें।

सर्कुलर में कहा गया है कि स्टेशन, वर्कशॉप, लोकोमोटिव केबिन, कंट्रोल रूम और दफ़्तर जैसे ऑपरेशनल क्षेत्रों में वीडियो बनाना ऑपरेशनल सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन के लिए खतरा पैदा करता है। साथ ही, यह रेलवे के कंडक्ट नियमों का भी उल्लंघन है। निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ड्यूटी के दौरान पर्सनल मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित है। कर्मचारी इसे केवल नॉन-ऑपरेशनल ज़ोन में, वह भी अपने तय ब्रेक के समय, बेहद जरूरी बातचीत के लिए ही इस्तेमाल कर सकते हैं।

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