Get App

Russian Crude: रूस से कच्चा तेल खरीदना किया बंद तो 9-11 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है भारत का ऑयल इंपोर्ट बिल

फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद पश्चिमी देशों ने उस पर प्रतिबंध लगाए थे। इसके बाद भारत ने रूस से सस्ता तेल खरीदकर बड़ा मुनाफा कमाया। भारत इसे यूरोपीय संघ की ओर से तय वर्तमान प्राइस लिमिट से कम पर खरीद रहा है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Aug 03, 2025 पर 4:25 PM
Russian Crude: रूस से कच्चा तेल खरीदना किया बंद तो 9-11 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है भारत का ऑयल इंपोर्ट बिल
अमेरिका ने भारत के लिए 25 प्रतिशत टैरिफ को तो नोटिफाई कर दिया है लेकिन पेनल्टी की राशि अभी तक घोषित नहीं की गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामान के लिए रेसिप्रोकल टैरिफ की दर 26 से रिवाइज करके 25 प्रतिशत कर दी है। लेकिन साथ ही रूस से हथियार और कच्चा तेल खरीदने के लिए पेनल्टी भी लगा दी है। एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर भारत एडिशनल टैरिफ और पेनल्टी की अमेरिकी धमकियों से बचने के लिए रूस से कच्चे तेल का इंपोर्ट बंद करता है, तो देश के ऑयल इंपोर्ट का सालाना बिल 9-11 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ सकता है।

ट्रंप ने इस साल दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से यूक्रेन में रूस के युद्ध को खत्म करना अपने प्रशासन की प्राथमिकता बना लिया है। उन्होंने धमकी दी है कि अगर रूस, यूक्रेन के साथ कोई बड़ा शांति समझौता नहीं करता, तो वे रूसी तेल खरीदने वाले देशों से अमेरिका में आने वाले सामान पर 100% टैरिफ लगा देंगे। अमेरिका ने भारत के लिए 25 प्रतिशत टैरिफ को तो नोटिफाई कर दिया है लेकिन पेनल्टी की राशि अभी तक घोषित नहीं की गई है।

भारत में रूसी क्रूड का कितना ट्रेड

रूस कच्चे तेल के मामले में भारत का प्रमुख सप्लायर है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑयल इंपोर्टर और कंज्यूमर है। भारत को कच्चे तेल की कुल सप्लाई में लगभग 35-40% हिस्सेदारी रूस की है। यूक्रेन के साथ जंग से पहले यह हिस्सेदारी 0.2 प्रतिशत से भी कम थी। रॉयटर्स को मिले आंकड़ों के अनुसार, भारत ने इस साल जनवरी से जून तक हर रोज लगभग 1.75 मिलियन बैरल रूसी तेल का आयात किया। यह एक साल पहले की तुलना में 1% अधिक है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें