IndiGo Crisis: 'एयरलाइन पर बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे'; इंडिगो की बढ़ सकती है मुश्किलें, अब बड़े एक्शन की तैयारी में सरकार

IndiGo flight cancellations: केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने सोमवार को कहा कि सरकार ने इंडिगो की बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिल किए जाने के संबंध में जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि एयरलाइन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि अन्य एयरलाइनों के लिए उदाहरण पेश किया जा सके

अपडेटेड Dec 08, 2025 पर 4:37 PM
Story continues below Advertisement
IndiGo Crisis: इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल होने के कारण लगातार 7वें दिन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

Ram Mohan Naidu on Indigo crisis: राज्यसभा में सोमवार (8 दिसंबर) को नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार ने इंडिगो की बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिल किए जाने के संबंध में जांच शुरू कर दी हैउन्होंने कहा कि एयरलाइन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि अन्य एयरलाइनों के लिए उदाहरण पेश किया जा सके। उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक सवाल का जवाब देते हुए नायडू ने इंडिगो एयरलाइंस को उसके दिन-प्रतिदिन के संचालन के दौरान चालक दल और ड्यूटी रोस्टर को प्रबंधित करने में विफल करार दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हम इस स्थिति को हल्के में नहीं ले रहे हैं। हम एक जांच कर रहे हैं। हम न केवल इस मामले में बल्कि एक मिसाल पेश करने के लिए भी बहुत, बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे।" कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने पूरक सवाल पूछते हुए यह जानना चाहा कि क्या इंडिगो संकट ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में गलती के कारण हुआ था? यह एक तकनीकी समस्या है जिसने नवंबर 2025 की शुरुआत में उड़ान सेवाओं को बाधित किया था।

विमानन मंत्री ने स्पष्ट किया कि इंडिगो संकट AMSS से संबंधित नहीं था बल्कि इंडिगो की आंतरिक क्रू रोस्टर सिस्टम में विसंगतियों और कुप्रबंधन के कारण हुआ थाअप्रैल 2025 के हाई कोर्ट के आदेश के बाद तैयार किए गए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) गाइडलाइंस की विस्तार से जानकारी देते हुए नायडू ने कहा कि कुल 22 एफडीटीएल दिशानिर्देश थे। इनमें से 15 को एक जुलाई 2025 से और शेष सात को एक नवंबर 2025 से लागू किया गया।


नायडू के अनुसार, फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) के कार्यान्वयन के संबंध में इंडिगो सहित कई हितधारकों से परामर्श किया गया था। सरकार ने यह बहुत स्पष्ट कर दिया था कि सभी एयरलाइनों को सुरक्षा से समझौता किए बिना नियमों का पालन करना होगाउन्होंने कहा कि 1 नवंबर 2025 को जब एफडीटीएल पूरी तरह से लागू हुआउसी समय डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) सभी एयरलाइनों के साथ निरंतर परामर्श करता रहा है।

नायडू ने कहा, "व्यापक परामर्श और सुरक्षा जोखिम मूल्यांकन के बाद, आवश्यक विविधताएं और छूट पहले ही दे दी गई थीं।" उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संकट नई एफडीटीएल के संचालन के लगभग एक महीने बाद हुआ। संकट के लिए इंडिगो पर दोषारोपण करते हुए नायडू ने कहा कि एक दिसंबर 2025 को भी, जब मंत्रालय ने इंडिगो से एफडीटीएल पर बात की तो कंपनी ने उस मुद्दे को नहीं उठाया था जिसने संकट पैदा किया।

ये भी पढ़ें- IndiGo Crisis: आज भी इंडिगो की 500 फ्लाइट कैंसिल! एयरलाइन ने ₹827 करोड़ रिफंड किए, 9,000 में से 4,500 बैग लौटाए

उन्होंने कहा, "यह एक दिन-प्रतिदिन का कामकाज है, जिसे इंडिगो को कायम रखना चाहिए था। इंडिगो को अपने दिन-प्रतिदिन के संचालन के माध्यम से क्रू, रोस्टर को प्रबंधित करना था" मंत्री ने कहा, "यदि किसी भी एक व्यक्ति, संस्था, संगठन या किसी भी ऑपरेटर द्वारा नागरिक उड्डयन में कोई भी गलत अनुपालन और गैर-अनुपालन होता है, तो हम बहुत, बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे ताकि उद्योग में एक उदाहरण स्थापित हो सके"

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।