Indore water contamination tragedy: इंदौर में दूषित पानी से 10 लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने अपनी ही सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौत ने बीजेपी सरकार को शर्मिंदा और कलंकित कर दी है। भारती ने मृतकों के लिए सरकार के तरफ से दी गई मुआवजे पर भी सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा कि किसी की जिंदगी की कीमत दो लाख रुपये नहीं होती। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बयान में कहा कि मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही सभी मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
उमा भारती ने शुक्रवार (2 जनवरी 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं। प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है।"
पूर्व सीएम ने आगे लिखा, "जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा। पीडितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।"
अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप से छह माह के बच्चे समेत 14 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। लेकिन इस दावे की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि नहीं की है।
भार्गव ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, "स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप से चार लोगों की मौत हुई है। हालांकि, मुझे इस प्रकोप के कारण 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है।" भागीरथपुरा से लिए गए पेयजल के सैंपल की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर इस इलाके में हैजा फैलने के संदेह पर मेयर ने कहा कि इस बारे में स्वास्थ्य विभाग ही जानकारी दे सकता है।
एक अधिकारियों ने बताया कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास पानी आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन में उस जगह लीकेज मिला है। इसके ऊपर एक शौचालय बना है। अधिकारियों का दावा है कि इस लीकेज के कारण ही पेयजल दूषित हुआ। भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप से गुजरे 9 दिनों में 1,400 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने गुरुवार (1 जनवरी) रात तक की स्थिति के हवाले से बताया कि इस क्षेत्र के 272 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया है। इनमें से 71 लोगों को छुट्टी दी जा चुकी है। अधिकारी ने बताया कि अस्पतालों में भर्ती 201 मरीजों में शामिल 32 लोग ICU में हैं।