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Indus Waters Treaty: 'आतंकवाद छोड़े बिना नहीं होगी बहाली...'; सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान को भारत का सख्त संदेश

Indus Waters Treaty: सरकारी सूत्रों ने बताया कि सिंधु जल संधि (IWT) के अपने मौजूदा रूप में फिर से लागू होने की संभावना नहीं है। भविष्य में नदी के पानी के बंटवारे पर कोई भी समझौता इस बात पर निर्भर करेगा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को हमेशा के लिए खत्म करे

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jul 21, 2026 पर 11:13 AM
Indus Waters Treaty: 'आतंकवाद छोड़े बिना नहीं होगी बहाली...'; सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान को भारत का सख्त संदेश
Indus Waters Treaty: सिंधु जल संधि (IWT) के फिर से लागू होने की संभावना नहीं है

Indus Waters Treaty: भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा स्वरूप में सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) दोबारा लागू नहीं होगी। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, यदि भविष्य में नदी जल बंटवारे को लेकर कोई व्यवस्था बनती भी है, तो वह मौजूदा संधि के आधार पर नहीं बल्कि नए ढांचे के तहत होगी। इसके लिए सबसे पहली और अनिवार्य शर्त यह होगी कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और स्थायी रूप से समाप्त करे।

सरकारी सूत्रों ने कहा है कि पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को लगातार समर्थन देना ही संधि की बहाली में सबसे बड़ी बाधा है। उनका कहना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद से पूरी तरह किनारा नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि को फिर से लागू करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित (अबेयंस) कर दिया था। इसके साथ ही पाकिस्तान के खिलाफ कई कूटनीतिक और आर्थिक कदम भी उठाए गए थे। भारत का कहना है कि इस हमले को द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने अंजाम दिया, जिसे वह पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का सहयोगी संगठन मानता है। इसके बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई भी की थी।

फिलहाल संधि से बाहर निकलने की योजना नहीं

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