Indus Waters Treaty: भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा स्वरूप में सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) दोबारा लागू नहीं होगी। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, यदि भविष्य में नदी जल बंटवारे को लेकर कोई व्यवस्था बनती भी है, तो वह मौजूदा संधि के आधार पर नहीं बल्कि नए ढांचे के तहत होगी। इसके लिए सबसे पहली और अनिवार्य शर्त यह होगी कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और स्थायी रूप से समाप्त करे।
