भारत के लिए खुल सकता है 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज', भारत-ईरान के बीच बड़े समझौते का ऐलान जल्द!

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली (Mohammad Fathali) ने कहा है कि भारत को होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से सुरक्षित रास्ता मिल सकता है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि भारत की इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने से जुड़े कुछ अहम कदम जल्द सामने आ सकते हैं

अपडेटेड Mar 13, 2026 पर 8:03 PM
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बीते दो हफ्तों से ईरान पर इजरायल और अमेरिका के बीच जंग जारी है।

बीते दो हफ्तों से ईरान पर इजरायल और अमेरिका के बीच जंग जारी है। वहीं जंग के बीच ईरान ने दुनिया के सबसे जरूरी तेल एक्सपोर्ट रूट होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान किया था। जानकारी के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही फिलहाल रुक गई है। वहीं भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने संकेत दिया कि भारत को होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से सुरक्षित रास्ता मिल सकता है। रिपोर्टर्स से बात करते हुए, राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा कि इस स्ट्रेटेजिक जलमार्ग से भारत की पहुंच पक्का करने वाले डेवलपमेंट जल्द ही सामने आ सकते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव चरम पर है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। ईरान के इस रुख ने साफ कर दिया है कि वह संकट की इस घड़ी में भारत को अपने सबसे भरोसेमंद साथी के रूप में देख रहा है।

भारत-ईरान के बीच जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली (Mohammad Fathali) ने कहा है कि भारत को होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से सुरक्षित रास्ता मिल सकता है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि भारत की इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने से जुड़े कुछ अहम कदम जल्द सामने आ सकते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित मार्ग दिया जाएगा, तो उन्होंने कहा, “हां, क्योंकि भारत हमारा दोस्त है। आप इसे दो या तीन घंटों के भीतर देख लेंगे।” ईरानी राजदूत की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में चल रहे संघर्ष की वजह से इस समुद्री मार्ग पर खास नजर रखी जा रही है।


पीएम मोदी ने की थी बात

प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति की बातचीत पर पर उन्होंने कहा, उनकी अच्छी बातचीत हुई। पीएम मोदी और पेजेश्कियन मानते हैं कि उन्हें अपनी पूरी कोशिश करनी चाहिए। हम कई बार घोषणा कर चुके हैं कि हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो उसके लिए तैयार हैं। हमने अमेरिका के साथ बातचीत फिर शुरू की थी, लेकिन दुर्भाग्य से वह बातचीत मेज पर ही बाधित और खत्म कर दी गई।

भारत-ईरान के रिश्ते मजबूत

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने भारत और ईरान के पुराने और मजबूत संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली और तेहरान के रिश्ते दोस्ती और आपसी सहयोग पर आधारित हैं। उन्होंने कहा, “हम मानते हैं कि ईरान और भारत अच्छे दोस्त हैं। दोनों देशों के कई साझा हित हैं और हमारे बीच भरोसे का रिश्ता है।” ईरानी राजदूत ने यह भी बताया कि कठिन समय में भारत ने ईरान की मदद की है। उन्होंने कहा कि भारत में राजदूत के तौर पर वह यह कहना चाहते हैं कि युद्ध के बाद की स्थिति में भारत सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में ईरान को सहयोग दिया है।

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