Get App

US-Iran War: जंग के बीच ईरान ने किया भारत की तारीफ, जानें किस मदद के लिए जताया आभार

बता दें कि 28 फरवरी को ईरानी पोत ने भारत से संपर्क किया था। पोत में तकनीकी दिक्कत होने के कारण कोच्चि पोर्ट पर डॉकिंग का अनुरोध किया है। 1 मार्च को डॉकिंग की अनुमति मिल गई थी। इससे पहले अमेरिका ने श्रीलंका के करीब अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी नौसेना पोत IRIS देना को टॉरपीडो से डुबो दिया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 07, 2026 पर 6:33 PM
US-Iran War: जंग के बीच ईरान ने किया भारत की तारीफ, जानें किस मदद के लिए जताया आभार
'भारत का धन्यवाद', युद्ध के बीच ईरान ने क्यों की मोदी सरकार की तारीफ?

ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका ने बीते बुधवार को ईरान के एक युद्धपोत को श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास डुबो दिया। यह ईरानी युद्धपोत फ्रिगेट IRIS डेना भारतीय नौसेना की तरफ से आयोजित सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद विशाखापत्तनम से ईरान लौट रहा था। इसी बीच भारत ईरान दूसरे युद्धपोत IRIS LAVAN को अपने पोर्ट में ठहरने की अनुमति दी है। टेक्निकल और लॉजिस्टिक अरेंजमेंट की खातिर इसे कोच्चि पोर्ट पर डॉक किया गया है। इस मामले में भारत में ईरान ने भारत का धन्यवाद कहा है।

ईरान ने भारत का जताया आभार

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने बताया कि इस घटना के बाद ईरान की सरकार जहाज के क्रू मेंबर्स की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान ईरान का एक और नौसैनिक जहाज IRIS लवन तकनीकी और जरूरी इंतजाम करने के लिए कोच्चि पोर्ट पर पहुंचा है। मोहम्मद फतहली ने कहा कि, वे इस मौके पर भारत सरकार और स्थानीय अधिकारियों का दिल से धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति देने और उसके क्रू मेंबर्स की मदद करने में पूरा सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में भारतीय अधिकारियों का यह सहयोग दोनों देशों के पुराने और दोस्ताना रिश्तों को साफ तौर पर दिखाता है।

अमेरिका ने किया था हमला 

सब समाचार

+ और भी पढ़ें