Flight Cancellations: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण भारतीय विमानन क्षेत्र को बड़े संकट का सामना करना पड़ रहा है। ईरान और खाड़ी देशों के ऊपर से उड़ानों पर पाबंदी लगने की वजह से 28 फरवरी और 1 मार्च के बीच 850 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इसका सीधा असर न केवल अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर पड़ा है, बल्कि घरेलू उड़ानों का शेड्यूल भी पूरी तरह बिगड़ गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए (DGCA) स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि फंसे हुए यात्रियों को मदद पहुंचाई जा सके।
भारतीय विमानन मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
28 फरवरी: घरेलू एयरलाइंस की 410 उड़ानें रद्द की गईं।
1 मार्च: स्थिति बिगड़ने के कारण 444 और उड़ानें रद्द होने का अनुमान है।
एयर इंडिया ने 1 मार्च के लिए अपनी 28 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। इनमें दिल्ली, मुंबई और अमृतसर से लंदन, न्यूयॉर्क, नेवरिया, शिकागो, वियना और फ्रैंकफर्ट जाने वाली फ्लाइट्स शामिल हैं।
खाड़ी देशों में फंसे भारतीय विमान
फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म 'फ्लाइटराडार24' के अनुसार, भारतीय एयरलाइंस के कम से कम 9 विमान खाड़ी देशों के हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। इनमें से 4 विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़े हैं, क्योंकि अचानक हवाई क्षेत्र बंद होने से उन्हें उड़ान भरने की अनुमति नहीं मिली। दुबई भारत के लिए सबसे बड़ा ट्रांजिट हब है, इसलिए वहां परिचालन रुकने से हजारों भारतीय यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए हैं।
कतर एयरवेज ने भी रोकी सेवाएं
कतर ने अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया है, जिसके बाद कतर एयरवेज ने अपनी सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। एयरलाइन ने कहा है कि कतर सिविल एविएशन अथॉरिटी से सुरक्षा क्लीयरेंस मिलने के बाद ही सेवाएं दोबारा शुरू की जाएंगी।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है खाड़ी क्षेत्र?
डीजीसीए के आंकड़ों के अनुसार, भारत के कुल अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात का लगभग 50% हिस्सा खाड़ी देशों से आता-जाता है। अकेले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की भारत के अंतरराष्ट्रीय उड़ान बाजार में 29% हिस्सेदारी है। ऐसे में इस क्षेत्र का हवाई मार्ग बंद होना भारतीय विमानन अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है।
यात्रियों की मदद के लिए सरकार के कदम
संकट की इस घड़ी में सरकार और एजेंसियां सक्रिय हैं। विदेश मंत्रालय का 'पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम' (PACR) शिकायतों की निगरानी कर रहा है। 'AirSewa' पोर्टल पर अब तक सैकड़ों शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से कई का मौके पर समाधान किया गया है। इसके साथ ही देश के मुख्य हवाई अड्डों पर वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है ताकि भीड़ को संभाला जा सके और यात्रियों को रिफंड या री-शेड्यूलिंग में मदद मिल सके।