Jaipur Metro Phase-II: जयपुरवासियों के लिए एक गुड न्यूज है। केंद्रीय कैबिनेट ने जयपुर मेट्रो फेज-2 प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट शहरी आवाजाही को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इस फैसले से जयपुर में ट्रैफिक कम होने और रोजाना के सफर में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। नया मेट्रो कॉरिडोर कुल 41 किलोमीटर लंबा होगा। यह प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक चलेगा। यह जयपुर के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को आपस में जोड़ेगा।
इस प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ सफर का समय कम करना ही नहीं, बल्कि शहर के अहम इलाकों को जोड़ने वाली एक आसान और बिना रुकावट वाली ट्रांजिट लाइन बनाना भी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस कॉरिडोर को शहर की भविष्य की जीवनरेखा बताया है।
यह प्रोजेक्ट 13,037 करोड़ रुपये की लागत से पूरा होगा। यह शहर की परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में बड़ा योगदान देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली। इस योजना के तहत 41 किलोमीटर लंबा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर बनाया जाएगा, जो प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस रूट पर कुल 36 मेट्रो स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। इनमें सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, VKIA, टोंक रोड, SMS हॉस्पिटल, स्टेडियम, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर जैसे बड़े इलाके शामिल होंगे। अधिकारियों का कहना है कि इन नए स्टेशनों से कनेक्टिविटी और पहुंच में काफी सुधार होगा।
फेज-2 कॉरिडोर को मौजूदा मेट्रो सिस्टम के साथ एक इंटरचेंज के जरिए जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों के लिए सफर के और भी आसान विकल्प उपलब्ध होंगे। आस-पास के इलाकों तक लास्ट-माइल कनेक्टिविटी (आखिरी छोर तक मेट्रो की पहुंच) को बेहतर बनाने के लिए एक खास 'फीडर सिस्टम' की भी योजना बनाई गई है।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए सीधी मेट्रो लिंक का प्लान...। जगह की कमी को दूर करने और ट्रैफिक में रुकावट से बचने के लिए एयरपोर्ट के पास जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे एयरपोर्ट तक पहुंचना ज्यादा तेज और सुविधाजनक हो जाएगा।
जयपुर मेट्रो फेज-2 प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 13,037.66 करोड़ रुपये है। इसे 'राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Rajasthan Metro Rail Corporation Limited)' द्वारा पूरा किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए फ़ंडिंग में केंद्र सरकार और राज्य सरकार की बराबर की हिस्सेदारी होगी।
वर्तमान में जयपुर मेट्रो का पहला फेज (Phase I) मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक 11.64 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 11 स्टेशन हैं। अब दूसरा फेज कनेक्टिविटी का काफी विस्तार करेगा। ट्रैफिक की भीड़ को कम करेगा और जयपुर की शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगा। यह कॉरिडोर सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, VKIA, जयपुर हवाई अड्डा, टोंक रोड, SMS अस्पताल, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर जैसे प्रमुख स्थानों से कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
रिफाइनरी प्रोजेक्ट की भी समीक्षा
मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के साथ-साथ केंद्रीय कैबिनेट ने HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड प्रोजेक्ट की भी समीक्षा की। कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के बजट में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 43,129 करोड़ रुपये से बढ़कर 79,459 करोड़ रुपये हो गई है।
यह बढ़ोतरी प्रोजेक्ट के बढ़े हुए दायरे और नए अनुमानों को दर्शाती है। इस रिफाइनरी के 1 जुलाई, 2026 से अपना कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने की उम्मीद है। यह अनुमान है कि यह भारत की ऊर्जा की मांग को पूरा करने, आयात पर निर्भरता कम करने और लगभग 25,000 लोगों के लिए रोजगार पैदा करने में अहम भूमिका निभाएगी।