Strait of Hormuz: दुनिया भर में गहराते ऊर्जा संकट के बीच भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक महत्वपूर्ण अपडेट दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत, रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खुलवाने के लिए ईरान के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।
'फाइनेंशियल टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में जयशंकर ने बताया कि ईरान के साथ चल रही चर्चाओं के पॉजिटिव परिणाम मिलने शुरू हो गए हैं। उनका मानना है कि ईरान के साथ बातचीत से दूरी बनाने के बजाय 'तर्क और समन्वय' के साथ आगे बढ़ना ज्यादा फायदेमंद है।
अभी नहीं मिला है 'ब्लैंकेट एग्रीमेंट': जयशंकर
इस दौरान विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि अभी तक भारतीय जहाजों के लिए कोई 'ब्लैंकेट एग्रीमेंट' यानी पूरी तरह से छूट नहीं हुआ है। फिलहाल जहाजों की आवाजाही को एक-एक करके हैंडल किया जा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या यूरोपीय देश भी ऐसा ही रास्ता अपना सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि हर देश की परिस्थिति अलग होती है। हालांकि, भारत अपनी रणनीति यूरोपीय देशों के साथ साझा करने को तैयार है।
यूएई से कच्चा तेल लेकर निकला भारतीय टैंकर
तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है। टैंकर 'जग लाडकी' यूएई के फुजैराह पोर्ट से 80,800 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हो गया है। जिस समय फुजैराह टर्मिनल पर हमला हुआ था, उस समय यह टैंकर तेल लोड कर रहा था। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह जहाज अब सुरक्षित रास्ते पर है।
इससे पहले भारत के दो टैंकरों 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' ने सफलतापूर्वक होर्मुज को पार कर लिया है। लगभग 92,712 मीट्रिक टन LPG लेकर 'शिवालिक' आज, 16 मार्च मुंद्रा पहुंचने वाला है, जबकि 'नंदा देवी' 17 मार्च को कांडला पहुंचेगा।
फंसे हुए 22 जहाजों की सुरक्षा पर जोर
भारत ने ईरान से उन 22 भारतीय जहाजों के लिए 'सेफ पैसेज' मांगा है जो फिलहाल होर्मुज के पश्चिम में फंसे हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि ईरान ने कुछ भारतीय जहाजों को निकलने की अनुमति दी है, जो इस नाकाबंदी में अपवाद है।
दोनों देशों के बीच यह कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में हो रहे हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खर्ग द्वीप पर और हमलों की चेतावनी दी है और मित्र देशों से अपने युद्धपोत भेजने को कहा है। भारत की कोशिश है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच संतुलन बनाते हुए अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित रखे।