Iran’s New Supreme Leader: ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामनेई के स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मोजतबा को लेकर दुनिया भर में चल रहे कयासों के बीच उन पर भारतीय खुफिया एजेंसियों की एक रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा खामनेई जीवित तो हैं, लेकिन वे बेहद गंभीर रूप से घायल हैं और उनकी आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है।
28 फरवरी के हमले में हुए गंभीर रूप से घायल
खुफिया सूत्रों ने 'News18' को बताया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों में, जिसमें उनके पिता आयतुल्ला अली खामनेई की मौत हो गई थी, मोजतबा खामनेई भी बुरी तरह जख्मी हो गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों के बाद वे 'इमोबाइल' यानी चलने-फिरने में असमर्थ हो गए हैं। शुरुआती अफवाहों के विपरीत वे बच तो गए, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है, जिस कारण उनके बारे में जानकारी बहुत सीमित रखी जा रही है।
IRGC का संचार तंत्र पर पूरा कब्जा
मोजतबा खामनेई की शारीरिक अक्षमता के कारण ईरान की सेना यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने सत्ता की कमान एक तरह से अपने हाथों में ले ली है। मोजतबा के नाम से जारी होने वाले सभी संदेशों और सोशल मीडिया पोस्ट को IRGC ही नियंत्रित और फिल्टर कर रही है। सैन्य नेतृत्व ने उनके साथ हुई सीमित बातचीत के आधार पर ही चुनिंदा बयान जारी करने का फैसला किया है, ताकि देश में स्थिरता बनी रहे।
इनॉग्रेशन में अनुपस्थिति से बढ़े सवाल
मोजतबा खामनेई की स्थिति पर शक तब और गहरा गया जब वे अपने ही शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए। कार्यक्रम के दौरान वे खुद मौजूद नहीं थे, बल्कि उनकी एक बड़ी तस्वीर वहां रखी गई थी। इस अनुपस्थिति ने ईरान के भीतर और बाहर यह सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या वे भविष्य में कभी सार्वजनिक रूप से देश का नेतृत्व करने की स्थिति में आ पाएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि खामनेई संभवतः 'किसी न किसी रूप में जीवित हैं'। उन्होंने अंदेशा जताया था कि हमले में वे बुरी तरह घायल हुए हैं और शायद अब वे वैसे नहीं रहे जैसे पहले थे।
भारतीय इंटेलिजेंस का कहना है कि IRGC जानबूझकर एक 'सेंसिटिव इंटरनल मैनेजमेंट' रणनीति अपना रही है। सूचनाओं को रोककर सेना का उद्देश्य जनता में घबराहट फैलने से रोकना है। वर्तमान में IRGC एक 'अस्थायी संरक्षक' के रूप में कार्य कर रही है, जो यह सुनिश्चित कर रही है कि मोजतबा के स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी ठोस जानकारी अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों तक न पहुंचे।