Waqf Amendment Bill: जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सीनियर नेता मोहम्मद कासिम अंसारी ने वक्फ संशोधन विधेयक पर सीएम नीतीश कुमार के रुख से असहमति जताते हुए पार्टी और अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। वक्फ (संशोधन) विधेयक 12 घंटे की लंबी बहस के बाद बुधवार (2 अप्रैल) देर रात लोकसभा में पारित हो गया। गुरुवार इस बिल को राज्यसभा में पेश किया गया, जिस पर खबर लिखे जाने तक चर्चा चल रही थी। लोकसभा में NDA के प्रमुख सहयोगी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली JDU ने इसका समर्थन किया।
गुरुवार को JDU अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे एक पत्र में कासिम अंसारी ने वक्फ संशोधन विधेयक का पार्टी द्वारा समर्थन किए जाने पर गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस कदम ने लाखों भारतीय मुसलमानों का भरोसा तोड़ दिया है, जो JDU को धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के रक्षक के रूप में देखते थे। बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी बगावत करते हुए अंसारी ने JDU नेता ललन सिंह की लोकसभा में की गई टिप्पणी की भी निंदा की। सिंह ने विधेयक को मुस्लिम विरोधी और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया था। उन्होंने इसे पसमांदा मुस्लिम समुदाय के प्रति भेदभावपूर्ण बताया।
केंद्र सरकार में पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने वक्फ विधेयक को पार्टी के पूर्ण समर्थन की घोषणा की। उन्होंने लोकसभा में कहा कि विपक्षी दल इस विधेयक को लेकर एक अलग तरह का विमर्श गढ़ने की और देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। सिंह ने वक्फ बिल पर सदन में जारी चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि देश में ऐसा विमर्श गढ़ा जा रहा है कि यह विधेयक मुसलमान विरोधी है। जबकि हकीकत यह है कि इसके पारित होने के बाद मुस्लिम समुदाय के हर वर्ग के हितों की रक्षा होगी।
उन्होंने कहा कि वक्फ कोई मुस्लिम संस्था नहीं, बल्कि एक न्यास है, जिसे मुस्लिम हितों की रक्षा के लिए बनाया गया था। उन्होंने कहा, "यह कोई धार्मिक संस्था नहीं है, बल्कि एक निकाय है।" केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ लोग देश का माहौल खराब करने में लगे हैं। उनकी बेचैनी सिर्फ इसलिए है कि उनका वक्फ पर से परोक्ष या प्रत्यक्ष नियंत्रण समाप्त हो जाएगा।
विपक्ष ने JDU पर बोला हमला
लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने गुरुवार को आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ NDA के सहयोगी दलों जनता दल यूनाइटेड ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पर बीजेपी के साथ मिलकर काम किया। वामपंथी नेता ने आरोप लगाया कि विवादास्पद विधेयक मुस्लिम समुदाय की पहचान, धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक स्वायत्तता के लिए एक बड़ा झटका है।
भट्टाचार्य ने पीटीआई से कहा, "अल्पसंख्यकों के अधिकार आंबेडकर के लोकतांत्रिक गणराज्य के विचार के केंद्र में हैं। JDU और TDP जैसे दल वास्तव में इस संविधान विरोधी साजिश में शामिल हैं, जिन्होंने अल्पसंख्यक अधिकारों पर हमले में BJP के साथ सहयोग किया है। वे बेनकाब हो चुके हैं और लोगों द्वारा उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।"
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी केंद्र की सत्ता में बने रहने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली JDU और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के समर्थन पर निर्भर है। इन दोनों पार्टियों ने वक्फ बिल का समर्थन किया है।