बेटी पर सोने की तस्करी के आरोप से लेकर वायरल अश्लील वीडियो तक, कर्नाटक के DGP रामचंद्र राव का विवादों से रहा पुराना नाता
रामचंद्र राव से जुड़ा कोई पहला और अकेला विवाद नहीं है। वे इससे पहले भी कई विवादों में घिर चुके हैं, जिसमें एक उनकी सौतेली बेटी से जुड़ा है, जो सोने की तस्करी के मामले में जेल में बंद है। राव 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं और वर्तमान में कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर तैनात हैं। कई सीनियर पदों पर अपनी सेवाएं देने के बाद वे मई में रिटायर होने वाले थे
कर्नाटक के सस्पेंडेड DGP रामचंद्र राव का विवादों से रहा पुराना नाता
कर्नाटक के शीर्ष पुलिस अधिकारी DGP रामचंद्र राव उस समय चर्चाओं और जांच के दायरे में आ गए जब उनके ऐसे वीडियो वायरल हो गए, जिसमें वह ऑफिस के भीतर महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिख रहे हैं। उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, यह अधिकारी से जुड़ा कोई पहला और अकेला विवाद नहीं है। वे इससे पहले भी कई विवादों में घिर चुके हैं, जिसमें एक उनकी सौतेली बेटी से जुड़ा है, जो सोने की तस्करी के मामले में जेल में बंद है।
राव 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं और वर्तमान में कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर तैनात हैं। कई सीनियर पदों पर अपनी सेवाएं देने के बाद वे मई में रिटायर होने वाले थे।
राव की पहली पत्नी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। बाद में उन्होंने एक महिला से दूसरी शादी की, जिनकी बेटी रान्या राव कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री बनीं। रान्या पर सोना की तस्करी के गंभीर आरोप लगे हैं।
रिकवरी का पैसा गायब
अधिकारी से जुड़े शुरुआती बड़े विवादों में से एक 2014 का है, जब वे IGP (साउथ रेंज) के पद पर तैनात थे। यह मामला मैसूरु के येलवाला के पास हुई एक सनसनीखेज घटना से जुड़ा है।
तब कथित तौर पर भारी मात्रा में कैश ले जा रही एक बस को रोका गया था। इसके बाद खबरें आईं कि जब्त किए गए पैसे का एक हिस्सा गायब हो गया है।
राव और दूसरे अधिकारियों पर शक जताया गया और आखिरकार जांच का आदेश दिया गया। इस दौरान, जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही उनका तबादला कर दिया गया। और बाद में आई किसी भी रिपोर्ट में उनका नाम नहीं आया।
चाडचन एनकाउंटर
राव पर एक और आरोप विजयपुरा जिले में हुई तथाकथित चाडचन मुठभेड़ घटना से जुड़ा था। धर्मराज चाडचन से जुड़ी इस मुठभेड़ में हुई हत्या को लेकर विरोधाभासी दावे सामने आए। पुलिस का कहना था कि गिरफ्तारी की कोशिश के दौरान सेल्फ डिफेंस में यह कार्रवाई की गई, जबकि आरोप यह भी है कि राव ने यह एनकाउंटर अपोजिट गैंग के इशारे पर रची गई एक साजिश थी।
CID जांच के आदेश दिए गए और विभाग ने राव से पूछताछ की। अधिकारियों ने उन्हें तलब किया, जो उस समय IGP (नॉर्थ रेंज) थे।
आरोप लगाया गया था कि उन्हें पहले से पता था कि एक एनकाउंटर होने वाला है और इसी को आसान बनाने के लिए उन्होंने पुलिसकर्मी गोपाल हल्लूर का तबादला कई महीने पहले चाडचन कर दिया था।
हालांकि, राव ने CID को बताया कि यह तबादला पूरी तरह सामान्य और नियमों के अनुसार किया गया था। उन्होंने किसी भी तरह के एनकाउंटर की पहले से जानकारी होने से इनकार किया। राव के अनुसार, उन्हें इस घटना की जानकारी SP से मिली थी। इसके बाद वे नियमों के तहत मौके पर पहुंचे और एनकाउंटर के साथ-साथ बाद में सामने आई लापता भाई गंगाधर की शिकायत की भी विस्तृत जांच के आदेश दिए।
आखिरकार CID ने इस मामले में पांच पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, लेकिन राव का नाम इसमें शामिल नहीं था।
सौतेली बेटी से जुड़ा गोल्ड स्मगलिंग मामला
राव की सौतेली बेटी और अभिनेत्री रान्या राव को मार्च 2025 में बेंगलुरु एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वह दुबई से करीब 14 किलो सोना तस्करी करके ला रही थीं, जिसकी कीमत लगभग 12.5 करोड़ रुपए बताई गई।
इस मामले में विवाद तब और बढ़ गया जब यह आरोप लगे कि एयरपोर्ट पर उन्हें खास प्रोटोकॉल मदद मिली, जो उनके DGP रैंक के सौतेले पिता से जुड़ी थी। कहा गया कि उन्होंने उनके प्रभाव का इस्तेमाल कर सामान्य जांच से बचने की कोशिश की।
गिरफ्तारी के बाद कर्नाटक सरकार ने राव को अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया और मामले की जांच के आदेश दिए। बाद में उन्हें फिर से बहाल कर नई पोस्टिंग दी गई, जबकि जांच जारी रही।
कथित अश्लील वीडियो विवाद
सबसे ताजा और बड़ा विवाद तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें कथित तौर पर अधिकारी को दफ्तर के अंदर महिलाओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए दिखाया गया।
अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वीडियो फर्जी हैं और उनके साथ छेड़छाड़ की गई है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और विभागीय कार्रवाई शुरू की है। कर्नाटक राज्य महिला आयोग ने भी सात दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
सूत्रों के मुताबिक, अगर ये वीडियो असली साबित होते हैं, तो इन्हें करीब 7-8 साल पहले बेलगावी में IG पद पर रहते हुए रिकॉर्ड किया गया हो सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि ये किसी बड़े हनी-ट्रैप गिरोह का हिस्सा हो सकते हैं, जो राज्य में वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं को निशाना बनाता है।
अब जब मामले की विस्तृत जांच होने वाली है, तो यह देखना बाकी है कि इन वीडियो की सच्चाई सामने आ पाएगी या नहीं।