Kerala vs Karnataka: राजधानी बेंगलुरु में मुस्लिम आवासीय क्षेत्रों को कथित तौर पर ध्वस्त किए जाने को लेकर कर्नाटक और केरल के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इस बीच, बेंगलुरु में कोगिलु डिमोलिशन ड्राइव पर सवालों का जवाब देते हुए कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की केरल के लोगों के बारे में की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक रिपोर्टर ने शिवकुमार से बुलडोजर को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की आलोचना के बारे में पूछा। विजयन ने इस कार्रवाई को अल्पसंख्यकों के खिलाफ आक्रामक राजनीति करार दिया था।
साथ ही इसकी तुलना "बुलडोजर राज" से करते हुए आरोप लगाया था कि मुस्लिम निवासियों को निशाना बनाया जा रहा है। इस मुद्दे में केरल की भूमिका पर एक सवाल के जवाब में शिवकुमार ने मंगलवार को कहा, "हमें किसी केरलवासी की जरूरत नहीं है। हमारे मुख्यमंत्री यहां हैं, उन्हें अपना काम करने दें।"
इससे पहले डीके शिवकुमार ने शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को पड़ोसी राज्य के मामलों में हस्तक्षेप न करने की सलाह दी थी। इसके एक दिन पहले विजयन ने शुक्रवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मुस्लिम आवासीय क्षेत्रों को कथित तौर पर ध्वस्त किए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इस कार्रवाई को चौंकाने वाला और पीड़ादायक बताया।
विजयन ने फेसबुक पोस्ट में फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट को कथित तौर पर बुलडोजर से गिराए जाने का जिक्र किया, जहां मुस्लिम परिवार कई वर्षों से रह रहे थे। इस बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार ने कहा, "यह सब एक राजनीतिक बयानबाजी है। तथ्यों को जाने बिना पिनराई (विजयन) को हमारे राज्य के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। ये सब चुनाव के समय की राजनीतिक चालें हैं।"
शिवकुमार ने आगे कहा, "यह जमीन हड़पना है। हमारी सरकार और स्थानीय विधायक ने कहा है कि यह बहुत खतरनाक है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार मानवता आधारित दृष्टिकोण अपनाती है और पात्र लोगों को नियमों के अनुसार वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराएगी।
BJP ने बताया 'केरल विरोधी' बयान
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सवाल किया कि क्या केरल में कांग्रेस नेतृत्व शिवकुमार की टिप्पणी को स्वीकार करता है। X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि पिनाराई विजयन पर हमला करने की कोशिश में दिया गया यह बयान केरल का अपमान है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या केरल की सांसद और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा इस टिप्पणी से सहमत हैं।
पूनवाला ने कहा, "लेफ्ट और कांग्रेस के बीच लड़ाई अब इस लेवल तक पहुंच गई है कि डीके शिवकुमार खुलेआम केरल विरोधी, मलयाली विरोधी बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि हमें केरल के लोगों की जरूरत नहीं है। क्या केरल कांग्रेस इस बयान से सहमत है? कांग्रेस पार्टी के उन लोगों का क्या जो केरल के नहीं हैं, लेकिन केरल में चुनाव लड़ते हैं?"
उन्होंने कहा, "क्या प्रियंका वाड्रा इस बयान से सहमत हैं? यह कांग्रेस की 'टुकड़े-टुकड़े' वाली सोच है... मुख्य मुद्दा यह है कि कांग्रेस खुद कर्नाटक में बुलडोजर का इस्तेमाल कर रही है... लेकिन जब यूपी में बुलडोजर का इस्तेमाल होता है, तो वे इस पर रोते हैं, क्योंकि यूपी में इसका इस्तेमाल माफिया के खिलाफ होता है...।"
कांग्रेस पर विदेशियों पर भरोसा करने का आरोप लगाते हुए पूनवाला ने कहा, "INC का मतलब अब इंडियन नेशनल कांग्रेस नहीं। बल्कि इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस है। इसीलिए वे अपने स्थापना दिवस पर राष्ट्रगान भी ठीक से नहीं गा पाते। यह एक ऐसी पार्टी है जो कहती है कि हमें भारतीय राज्य के खिलाफ लड़ना है, जो सेना पर शक करती है, संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करती है, और वंदे मातरम का विरोध करती है... जब आपको इटली और रोम पर ज्यादा भरोसा है। भारत पर नहीं, तो आप ऐसी गलतियां करेंगे ही।"
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी शिवकुमार की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर बांटने वाली राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी एकता और संविधान की बात करती है लेकिन भूगोल, जाति, धर्म और भाषा के आधार पर राजनीति करती है। तीखा हमला करते हुए चंद्रशेखर ने पूछा कि क्या इसी तर्क से लोगों को यह कहना चाहिए कि वे नहीं चाहते कि इटैलियन और आधे इटैलियन केरल और भारत में दखल दें।