Kerala local body elections 2025: केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के नेता सेइथलावी मजीद निकाय चुनाव नतीजों को लेकर की गई अपनी कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की वजह से विवादों में घिर गए हैं। हाल में समाप्त हुए निकाय चुनाव में पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए मजीद ने कथित तौर पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस बीच, विपक्षी गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के घटक इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेता शिहाबुद्दीन ने कथित तौर पर धमकियां दी हैं।
दोनों के भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। इसके बाद इंटरनेट यूजर्स ने इनपर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक वीडियो में मजीद ने एक गाड़ी के ऊपर खड़े होकर उत्साहित पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कथित तौर पर आईयूएमएल पर महिलाओं का इस्तेमाल करके उन्हें हराने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि शादी करके परिवारों में आने वाली महिलाओं को वोट के लिए अजनबियों के सामने नहीं लाया जाना चाहिए। साथ ही कहा कि उन्हें राजनीतिक रूप से हराने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, "महिलाएं सिर्फ अपने पतियों के साथ रहने या सोने के लिए होती हैं।"
NDTV के मुताबिक, CPM नेता ने कहा, "हमारे घर में भी शादीशुदा महिलाएं हैं... लेकिन उन्हें वोट जीतने के लिए दिखाने के लिए नहीं। उन्हें घर पर बैठने दो... महिलाओं से शादी सोने और बच्चे पैदा करने के लिए की जाती है।" उन्होंने आगे कहा, "इसीलिए परिवार पारंपरिक रूप से शादी तय करते समय वंश और पृष्ठभूमि की जांच करते हैं।"
वीडियो में दिख रहा है कि जब वह ये टिप्पणियां कर रहे हैं तो भीड़ उनका उत्साह बढ़ा रही है। यह घटना शनिवार को मलाप्पुरम जिले के तेन्नाला में पंचायत सदस्य के रूप में उनकी जीत के उपलक्ष्य में आयोजित एक स्वागत समारोह में हुई। एक अन्य घटना में स्थानीय आईयूएमएल नेता शिहाबुद्दीन ने कथित तौर पर राजनीतिक विरोधियों को धमकी दी थी कि अगर उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को छुआ तो उनके हाथ काट दिए जाएंगे।
वालंचेरी में हाल ही में आयोजित एक सार्वजनिक सभा में उनके भाषण का कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद टीवी चैनलों द्वारा इसे दिखाया गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नगर निकाय चुनावों के सिलसिले में स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद कथित तौर पर ये टिप्पणियां की गईं।
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कराए गए नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की अगुवाई वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को निर्णायक बढ़त हासिल हुई। जबकि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को झटका लगा है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने वाम मोर्चे के करीब चार दशक पुराने किले को ध्वस्त कर तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर कब्जा किया है।