Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र की चर्चित स्कीम 'लाडकी बहिन योजना' का नाम बदलकर पूर्व दिवंगत सीएम अजित पवार के नाम पर रखने की मांग की गई है। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक अमोल मिटकरी ने मंगलवार (3 फरवरी) को महाराष्ट्र सरकार से 'मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना' का नाम बदलकर दिवंगत डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार के नाम पर रखने की मांग की। उन्होंने इसे राज्य भर की महिलाओं द्वारा बहुत प्यार किए जाने वाले नेता के लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
रिपोर्टर्स से बात करते हुए मिटकरी ने कहा कि अजित पवार को प्यार से 'अजित दादा' के नाम से जाना जाता था। उनका महिलाओं के साथ एक खास रिश्ता था। उन्होंने याद किया कि कैसे महाराष्ट्र में उनके दौरों के दौरान उनकी कलाई "राखियों से भरी" रहती थी। उन्होंने कहा कि स्कीम का नाम बदलकर 'अजितदादांची लाड़की बहिन योजना (Ajitdadanchi Ladki Bahin Yojana)' रखना उनकी विरासत का सच्चा सम्मान होगा।
अजित पवार और चार अन्य लोगों की 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में एक प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी। लाड़की बहिन स्कीम की घोषणा अजित पवार ने वित्त मंत्री के तौर पर अपने समय में की थी। जुलाई 2024 में इसे लॉन्च की गई थी। यह स्कीम 21 से 65 साल की योग्य महिलाओं को डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के ज़रिए हर महीने 1,500 रुपये की फाइनेंशियल मदद देती है।
इस पहल को 2024 के विधानसभा चुनावों में BJP की 'महायुति' की जीत के पीछे एक अहम वजह माना जा रहा है। सोमवार को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने दोहराया कि सरकार इस स्कीम को जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को काफी फायदा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि सही समय पर हर महीने की मदद 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये कर दी जाएगी।
अजित पवार ने की थी स्कीम की घोषणा
'लाडकी बहिन स्कीम' की घोषणा अजित पवार ने तब की थी जब वे महाराष्ट्र के वित्त मंत्री थे। यह स्कीम 21 से 65 साल की योग्य महिलाओं को डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के ज़रिए हर महीने 1,500 रुपये की मदद देती है। माना जाता है कि इस स्कीम ने 2024 के विधानसभा चुनावों में BJP की 'महायुति' की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार ने डिप्टी CM का पद संभाला है। अजित पवार की अचानक मौत के कुछ दिनों बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा अजित पवार ने महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर के तौर पर शपथ ली। सुनेत्रा के डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लेने से इतिहास बन गया, क्योंकि वह राज्य में यह पद संभालने वाली पहली महिला हैं।
उनके पति, स्वर्गीय अजित पवार ने इससे पहले छह बार डिप्टी चीफ मिनिस्टर बनकर रिकॉर्ड बनाया था। 31 जनवरी, 2026 को सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र के गवर्नर आचार्य देवव्रत ने मुंबई के लोक भवन (जिसे पहले राजभवन के नाम से जाना जाता था) में पद की शपथ दिलाई।