Landslide in Kishtwar: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भूस्खलन! 1 की मौत, 230 लोगों को बचाया गया

Landslide in Kishtwar: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के डंगदुरु के पास हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट साइट पर भूस्खलन हो गया, जिसमें दो मजदूर मलबे में फंस गए। अधिकारियों ने बताया कि बाद में उनमें से एक श्रमिक की मौत हो गई। जबकि दूसरे को घायल अवस्था में मलबे से बाहर निकाला गया। फिर उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया

अपडेटेड Mar 16, 2026 पर 4:25 PM
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Landslide in Kishtwar: भूस्खलन के बाद सभी स्कूलों को सोमवार के लिए बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं

Landslide in Kishtwar: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सोमवार (16 मार्च) को एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट साइट के पास भूस्खलन में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि एक अन्य घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले के ऊंचाई वाले सिंथन टॉप क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बीच फंसे 230 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें महिलाएं एवं बच्चे शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम को देखते हुए एहतियात के तौर पर किश्तवाड़ और उससे सटे डोडा जिले में नगरपालिका सीमा से बाहर स्थित सभी शैक्षणिक संस्थानों को सोमवार के लिए बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि रविवार और सोमवार की दरमियानी रात बारिश के कारण किश्तवाड़ जिले के डंगदुरु के पास हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट साइट पर भूस्खलन हो गया, जिसमें दो मजदूर मलबे में फंस गए। उन्होंने बताया कि बाद में उनमें से एक श्रमिक की मौत हो गई। जबकि दूसरे को घायल अवस्था में मलबे से बाहर निकाला गया। फिर उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।


एक अन्य घटना में अधिकारियों ने बताया कि पुलिस, सेना और नागरिक प्रशासन द्वारा चलाए गए संयुक्त बचाव अभियान में जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले से जोड़ने वाले सिंथन टॉप पर भारी बर्फबारी के बीच 38 वाहनों में सवार 235 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि 15 मार्च को यह सूचना मिली कि भारी बर्फबारी और खराब मौसम की स्थिति के कारण सिंथन टॉप पर 235 नागरिक फंस गए हैं। दुर्गम इलाके और लगातार हो रही बर्फबारी के बावजूद एक बचाव अभियान शुरू करने के लिए व्हाइट नाइट कोर के सैनिकों को तत्काल रवाना किया गया।

बेहद खराब मौसम और बर्फ से बंद सड़कों का सामना करते हुए बचाव दल सिंथन टॉप पर पहुंचे। फिर वहां फंसे नागरिकों को गर्म खाना, पीने का पानी और रहने की जगह मुहैया कराई। मरम्मत और रिकवरी टीमों ने फंसे हुए वाहनों को फिर से चलने लायक बनाया। जबकि जिन वाहनों को ठीक नहीं किया जा सका, उनमें सवार यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा गया कि इस मिशन में सेना, J-K पुलिस और नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। इससे सबसे मुश्किल हालात में भी लोगों की जान बचाने के प्रति सेना की अटूट प्रतिबद्धता एक बार फिर साबित हो गई।

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अधिकारियों ने बताया कि किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने एसएसपी नरेश सिंह और 11 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी के साथ मिलकर इस बचाव अभियान की निगरानी की। सिंथन टॉप जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले से जोड़ता है।

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