लोकसभा में निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन अब रद्द कर दिया गया है। बता दें कि, लोकसभा में चेयर पर कागज फाड़कर फेंके जाने की घटना के बाद कांग्रेस के सात सांसदों समेत विपक्ष के आठ सांसदों को शेष बजट सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया गया था। वहीं स्पीकर ओम बिरला के इस फैसले के बाद सभी सांसदों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इन सांसदों को 3 फरवरी को बजट सत्र के दौरान विरोध प्रदर्शन में अनुशासनहीनता के आरोप में सस्पेंड किया गया था।
निलंबित सांसदों में कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडेन, डीन कुरियाकोस, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मानिकम टैगोर, प्रशांत यादवराव पाडोले, सी. किरण कुमार रेड्डी और माकपा के एस. वेंकटेशन शामिल थे। अब निलंबन खत्म होने के बाद ये सभी सांसद फिर से सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकेंगे।
संसद में हुआ था भारी हंगामा
बता दें कि, लोकसभा में इन सांसदों का निलंबन उस समय हुआ था जब सदन में भारी हंगामा हुआ था। यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब में चीन से जुड़े खुलासों पर बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इसके विरोध में कुछ सांसदों ने मेजों पर चढ़कर नारेबाजी की और स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंके। बाद में किरण रिजिजू द्वारा पेश प्रस्ताव के जरिए सभी निलंबन रद्द कर दिए गए। इस फैसले को विपक्ष की मांगों को पूरा करने के तौर पर देखा जा रहा है, साथ ही यह भी कहा गया कि सदन की कार्यवाही ठीक से चलाने के लिए कुछ नियम और सीमाएं तय करना जरूरी है।
लोकसभा में निलंबन खत्म होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने सभी सांसदों से अपील की कि भविष्य में सदन की कार्यवाही के दौरान तख्तियां या एआई से बनी तस्वीरों का इस्तेमाल न किया जाए। इस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह अच्छा कदम है और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को जिम्मेदारी निभानी चाहिए। वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि उनके आठ साथियों का निलंबन खत्म होना एक सकारात्मक बदलाव है, क्योंकि इतने दिनों तक उन्हें कार्यवाही से दूर रहना पड़ा, जो लोकतंत्र के लिए सही नहीं था। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब सभी पक्ष बेहतर व्यवहार करेंगे और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलेगी।