Monsoon Watch: IMD ने बताया यूपी में एंट्री से अभी कितनी दूर है मानसून, अबतक 57% कम बारिश, क्या 28 जून से बदलेगी तस्वीर?
Monsoon Watch: उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में भीषण गर्मी और उमस के बीच लोग टकटकी लगाए मानसून की पहली फुहारों का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ आंचलिक केंद्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी प्रदेश की सीमा से कुछ दूरी पर है।
UP में कब होगी मानसून की एंट्री? IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट
UP Monsoon Weather Forecast: उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में भीषण गर्मी और उमस के बीच लोग टकटकी लगाए मानसून की पहली फुहारों का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ आंचलिक केंद्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी प्रदेश की सीमा से कुछ दूरी पर है। मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद जताते हुए कहा है कि अगले 3 से 4 दिनों में मानसून के यूपी में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इस बीच प्रदेश में अब तक हुई बारिश के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। आइए जानते हैं कि यूपी में मानसून अपनी सामान्य रफ्तार से कितना पीछे है, 28 जून से मौसम में क्या बड़े बदलाव होने वाले हैं और देश के बाकी राज्यों को लेकर आईएमडी ने क्या पूर्वानुमान जारी किए हैं।
यूपी में अब तक 57% कम बारिश, सामान्य तारीखों से पिछड़ा मानसून
लखनऊ मौसम केंद्र के ताजातरीन आंकड़ों के मुताबिक बारिश का ग्राफ अभी नीचे ही नजर आ रहा है। प्रदेश में अबतक दीर्घकालीन औसत से करीब 57 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की किल्लत सबसे ज्यादा है, जहां सामान्य से लगभग 69 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह कमी करीब 33 फीसदी दर्ज की गई है।
यूपी में मानसून की एंट्री की सामान्य तारीखें क्या हैं?
सामान्य परिस्थितियों में मानसून 23 जून तक लखनऊ, प्रयागराज और कानपुर पहुंच जाता है। इसके बाद आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इसके पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून होती है। लेकिन इस बार इन इलाकों को अभी और इंतजार करना होगा। मौसम विभाग और विशेषज्ञों का मानना है कि 28 जून के बाद मौसम के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तर भारत में इस समय सक्रिय मौसम प्रणालियां मानसून को आगे धकेलने में मदद कर सकती हैं। यदि मौजूदा सिस्टम इसी तरह सक्रिय रहा तो जून के अंतिम दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ सकता है और जुलाई की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ हो सकती है।
पूर्वी यूपी में लू की चेतावनी
बारिश के इंतजार के बीच फिलहाल प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में गर्मी और उमस का प्रकोप बरकरार है। आईएमडी के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 3-4 दिनों (25 से 28 जून) तक हीट वेव चलने की संभावना है। इसमें भी 25 से 27 जून के दौरान कुछ पॉकेट्स में तीव्र लू की स्थिति बनी रहेगी। बिहार में 25 जून को और झारखंड में 25-26 जून को लू जैसी स्थितियां देखने को मिलेंगी। उत्तर-पश्चिम भारत में 28 जून तक अधिकतम तापमान 2-3°C बढ़ सकता है, लेकिन उसके बाद इसमें 3-5°C की बड़ी गिरावट आएगी।
आईएमडी का देशव्यापी वेदर अलर्ट: जानिए अन्य राज्यों का हाल
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों में मानसून के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी बचे हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल है। इसके प्रभाव से देश के अलग-अलग क्षेत्रों में 1 जुलाई 2026 तक ऐसा रहेगा मौसम का पूर्वानुमान:
उत्तर-पश्चिम भारत
उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 25-26 जून और 29 जून-1 जुलाई के बीच, जबकि पूर्वी यूपी में 25-29 जून के दौरान छिटपुट से लेकर हल्की बारिश होगी। हालांकि, 30 जून और 1 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक रूप से भारी बारिश का अनुमान है। 29 जून से 1 जुलाई के बीच यूपी के दोनों हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चलने की संभावना है।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान: इन राज्यों में 25 जून से 1 जुलाई के बीच छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 25-27 जून और 29 जून-1 जुलाई के दौरान आंधी-तूफान और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पूर्वी राजस्थान में 25-26 जून को और पश्चिमी राजस्थान में 25 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र आंधी और धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड में 29 जून से 1 जुलाई और हिमाचल प्रदेश में 30 जून से 1 जुलाई के बीच व्यापक स्तर पर भारी बारिश होने की संभावना है।
मध्य और पूर्वी भारत
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य प्रदेश के दोनों हिस्सों में 25 जून को भारी बारिश और 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 27 जून से 1 जुलाई के बीच मानसून रफ्तार पकड़ेगा और 27-28 जून को भारी बारिश हो सकती है।
बिहार, झारखंड और ओडिशा: इन राज्यों में 28 जून से 1 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। बिहार में 25-26 जून और 28 जून को तेज आंधी और 26 से 30 जून के बीच भारी बारिश का अनुमान है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में इस हफ्ते भारी से बहुत भारी वर्षा होगी। विशेष रूप से 27 से 29 जून के बीच इसके उत्तरी हिस्सों में अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत
असम, मेघालय और अरुणाचल: अरुणाचल प्रदेश में 27 से 29 जून के बीच बहुत भारी बारिश होगी। वहीं, 28 जून 2026 को असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर बेहद भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र: कोंकण और गोवा में 25 जून को बहुत भारी बारिश और 26 जून से 1 जुलाई तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी। मध्य महाराष्ट्र में 25 जून को बहुत भारी और 26-29 जून तक भारी बारिश का अलर्ट है। मराठवाड़ा में 25 जून को तेज आंधी के साथ भारी बारिश हो सकती है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत
कर्नाटक और केरल: तटीय कर्नाटक में 25-28 जून को भारी बारिश और 29 जून से 1 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश होगी। केरल और माहे में 29 जून को बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में भी 25 जून से 30 जून के बीच अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना है।