LPG Tanker Green Sanvi: भारत की कूटनीति का कमाल! 7वें एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

LPG Tanker Green Sanvi: अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई के बीच जब दुनियाभर के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल खतरे से भरा है तब इंडिया के सातवें जहाज ने इसे पार कर लिया है। इससे पहले छह जहाज ईंधन लेकर इस रास्ते से भारत पहुंच चुके हैं

अपडेटेड Apr 04, 2026 पर 12:57 PM
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ग्रीन सान्वी से भारत करीब 44,000 टन एलपीजी पहुंचा है। (सांकेतिक फोटो)

LPG Tanker Green Sanvi: भारत के सातवें एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी ने 3 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर लिया। यह भारत पहुंच चुका है। इसे भारत की कूटनीति का कमाल कहा जा सकता है। अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई के बीच जब दुनियाभर के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल खतरे से भरा है तब इंडिया के सातवें जहाज ने इसे पार कर लिया है। इससे पहले छह जहाज ईंधन लेकर इस रास्ते से भारत पहुंच चुके हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के इस्तेमाल से कतरा रहे जहाज

28 फरवरी को मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया। इससे कई देशों खासकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए यह रास्ता बंद हो गया। होर्मुज पार करने की कोशिश में कई जहाज हमले के शिकार हो चुके हैं। इस बीच, भारत ने ईरान से बातचीत की। उसने ईरान से भारतीय जहाजों को होर्मुज के इस्तेमाल की इजाजत मांगी। ईरान ने भारत के मामले में नरम रुख दिखाया है।


अब भी 17 भारतीय जहाज समुद्र में फंसे हैं

हालांकि, अब भी 17 भारतीय जहाज समु्द्र में फंसे हुए हैं। इनमें एलपीजी टैंकर्स ग्रीन आशा और जग विक्रम शामिल हैं। इनके जल्द भारत पहुंच जाने की उम्मीद है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से यह खबर दी है। बताया जाता है कि ग्रीन सान्वी से भारत करीब 44,000 टन एलपीजी पहुंचा है।

भारत सहित इन देशों को होर्मुज के इस्तेमाल की इजाजत

पिछले हफ्ते ईरान ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों को छोड़ बाकी देशों के जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें ईरान की अथॉरिटीज से कोऑर्डिनेशन करना होगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज उन देशों के लिए खुला है, जो ईरान के संपर्क में हैं और जिनके ईरान से अच्छे रिश्ते हैं। ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक, चीन, भारत, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को होर्मुज के रास्ते का इस्तेमाल करने की इजाजत है।

ग्रीन सान्वी की क्षमता 50,000 टन 

ग्रीन सान्वी बहुत बड़ा गैस टैंकर (VLGC) है। यह टैंकर MOL India का है। यह कंपनी जापान की ग्लोबल शिपिंग कंपनी मित्सुई ओएसके लाइंस की इंडियन इकाई है। इस टैंकर की क्षमता करीब 50,000 टन की है। ग्रीन सान्वी से पहले जो जहाज भारत पहुंचे हैं, उनमें शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस आदि शामिल हैं। इन जहाजों ने पिछले कुछ हफ्तों में सुरक्षित रूप से होर्मुज को पार किया। भारत आधा से ज्यादा अपनी गैस की जरूरत इंपोर्ट से पूरा करता है। इसका बड़ा हिस्सा होर्मुज के रास्ते भारत पहुंचता है।

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देश में ऑयल और गैस की कमी नहीं

होर्मुज के इस्तेमाल में बाधा से भारत में ऑयल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। हालांकि, पहले भारत पहुंच चुके छह जहाजों से काफी राहत मिली है। सरकार ने कहा है कि देश में ऑयल और गैस की कमी नहीं है। सरकार ने लोगों को किसी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने को कहा है। हालांकि, उन इलाकों में सरकार ने लोगों को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पर शिफ्ट होने को कहा है, जहां यह सुविधा उपलब्ध है।

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