अंबरनाथ नगरपालिका परिषद में BJP गठबंधन का समर्थन करने वाले 12 पार्षदों को कांग्रेस ने पार्टी ने निष्कासित कर दिया था। पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटील के साथ वे सभी गुरुवार को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। यह शामिलगी भाजपा महाराष्ट्र राज्य अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की मौजूदगी में हुई, जो शहर में बड़ा राजनीतिक बदलाव दर्शाती है।
ये निष्कासित पार्षद पहले अंबरनाथ नगरपालिका में भाजपा और कांग्रेस सदस्यों के गठबंधन का हिस्सा थे। इस गठबंधन से नगरपालिका में सत्ता बनी। लेकिन यह फैसला राजनीतिक हलकों में विवादास्पद रहा, क्योंकि भाजपा और कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर पुराने प्रतिद्वंद्वी हैं। जवाब में कांग्रेस ने सभी 12 पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटील को "पार्टी विरोधी गतिविधियों" के लिए निलंबित कर दिया।
इस समारोह में रविंद्र चव्हाण ने कहा कि भाजपा ने इन नेताओं को पार्टी में लेने से पहले पूरी स्थिति समझी। चव्हाण ने कहा, "हमने पहले इन नगरसेवकों की परेशानियां जानीं। उनका मकसद शहर और अपने वार्डों का विकास करना था, इसलिए सत्ता पक्ष से जुड़ना चाहते थे। इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर हमने इन्हें भाजपा में लिया।"
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा विकास की राजनीति में विश्वास करती है। जनसेवा के लिए समर्पित नेता शहर के बेहतर प्रशासन के फैसले लेने पर हतोत्साहित नहीं होने चाहिए। पार्टी इन नए नेताओं को पूरा समर्थन देगी ताकि अंबरनाथ में विकास कार्य तेजी से हो सकें।
BJP-कांग्रेस पार्षदों का यह स्थानीय गठबंधन पहले राजनीतिक हलकों में भूचाल लाया था। कांग्रेस नेतृत्व ने इसे पार्टी सिद्धांतों के खिलाफ बताया, जबकि इसमें शामिल स्थानीय नेताओं का कहना था कि यह शहर के विकास के बड़े हित में लिया गया फैसला था।