महाराष्ट्र में ओला, उबर, रैपिडो के किस मामले को लेकर मचा बवाल और हो रही FIR, पूरा केस समझिए

Ola, Uber and Rapido : महाराष्ट्र सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि इन कंपनियों की सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं की गई हैं। सरकार का कहना है कि सिर्फ अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। Ola, Uber और Rapido की बाकी सेवाएं राज्य में पहले की तरह जारी रहेंगी

अपडेटेड May 16, 2026 पर 2:34 PM
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महाराष्ट्र सरकार ने एक ऐसा बड़ा फैसला लिया है जिसने इन कंपनियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

अगर आप भी जल्दी में या ट्रैफिक से बचने के लिए Ola, Uber या Rapido की बाइक टैक्सी बुक करते हैं, तो आपको बड़ा झटका लग सकता है। महाराष्ट्र सरकार ने एक ऐसा बड़ा फैसला लिया है जिसने इन कंपनियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। महाराष्ट्र में बिना अनुमति बाइक टैक्सी चलाने के मामले को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने 16 मई को साइबर क्राइम विभाग को निर्देश दिए हैं कि Ola, Uber और Rapido के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। आरोप है कि ये कंपनियां राज्य में बिना मंजूरी बाइक टैक्सी सेवाएं चला रही हैं।

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला 

हालांकि, महाराष्ट्र सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि इन कंपनियों की सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं की गई हैं। सरकार का कहना है कि सिर्फ अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। Ola, Uber और Rapido की बाकी सेवाएं राज्य में पहले की तरह जारी रहेंगी। सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की है। हालांकि Ola, Uber और Rapido ने इस पूरे मामले पर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है।


इनपर होगी कार्रवाई 

महाराष्ट्र के सूचना और जनसंपर्क महानिदेशालय (डीजीआईपीआर) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्य में इन कंपनियों की सेवाएं पूरी तरह बंद होने की खबरें गलत और भ्रामक हैं। विभाग ने साफ किया कि परिवहन विभाग सिर्फ गैर-कानूनी तरीके से चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। बयान में कहा गया कि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने साइबर क्राइम विभाग को पत्र लिखकर Ola, Uber और Rapido के जरिए चलाई जा रही बिना अनुमति वाली बाइक टैक्सी सेवाओं पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही उन्होंने इन कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं।

सामने आई ये जानकारी 

बयान में यह भी बताया गया कि परिवहन आयुक्त ने इस मामले को लेकर साइबर क्राइम विभाग को अलग से पत्र भेजा है। महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। खासतौर पर इन सेवाओं की कानूनी मान्यता, लाइसेंस और परिवहन नियमों के पालन को लेकर सरकार निगरानी करती रही है। राज्य में ऐप के जरिए दोपहिया टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियों को पहले भी कानूनी और नीतिगत चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। सरकार समय-समय पर इन सेवाओं की जांच करती रही है ताकि नियमों का सही तरीके से पालन हो सके।

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