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Maharashtra Politics: परिसीमन विधेयक पर शरद पवार के समर्थन की खबरों पर क्या बोलीं सुप्रिया सुले? महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेल

Maharashtra Politics: बुधवार (15 जुलाई) को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार, वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और शशिकांत शिंदे के साथ बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रिया सुले ने कहा कि मीडिया में चल रही खबरों का कोई आधार नहीं है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jul 15, 2026 पर 2:10 PM
Maharashtra Politics: परिसीमन विधेयक पर शरद पवार के समर्थन की खबरों पर क्या बोलीं सुप्रिया सुले? महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेल
Maharashtra Politics: सुप्रिया सुले ने परिसीमन विधेयक को लेकर चल रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है

Maharashtra Politics: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने परिसीमन (Delimitation) विधेयक को लेकर चल रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने इस प्रस्तावित विधेयक पर अभी तक कोई आधिकारिक रुख तय नहीं किया है। सुले ने इन खबरों को 'बात का बतंगड़' बताते हुए कहा कि बिना विधेयक देखे किसी भी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

उनके ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं कि शरद पवार के नेतृत्व वाला गुट सत्ताधारी NDA गठबंधन से बाहर रहते हुए भी प्रस्तावित परिसीमन बिल और महिला आरक्षण कानून पर NDA को बाहर से समर्थन दे सकता है।

बुधवार (15 जुलाई) को पार्टी प्रमुख शरद पवार, वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और शशिकांत शिंदे के साथ बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रिया सुले ने कहा कि मीडिया में चल रही खबरों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "यह सिर्फ बात का बतंगड़ है। मैं अभी किसी भी विधेयक पर कुछ नहीं कह रही हूं। हमारे सामने अभी विधेयक आया ही नहीं है। जब विधेयक आएगा, तब हम 24 घंटे के भीतर अपना रुख स्पष्ट कर देंगे।"

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक NCP-SCP नेता सुप्रिया सुले ने कहा, "हमारे यहां कोई बिल या प्रस्ताव नहीं आया है। परिसीमन के बारे में न हमने और न ही किसी और ने हमसे चर्चा की है। जब बिल आएगा तब हमारा स्टैंड होगा। जो बिल आएगा तब हम विस्तार से INDIA गठबंधन में चर्चा करेंगे... INDIA गठबंधन ने कोई मांग नहीं की है बल्कि हम केवल इतना कह रहे हैं कि 33% आरक्षण जो महिलाओं के लिए आया है उसे लागू कीजिए। परिसीमन की कोई मांग हमने नहीं की है। हमारी मांग है कि आपने महिलाओं को आरक्षण देने का वादा किया था तो उसे पूरा कीजिए।"

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