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Maharashtra Transport Strike: महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्टर क्यों कर रहे हैं अनिश्चितकालीन हड़ताल? ड्राइवरों ने 'चक्का जाम' का किया ऐलान

Maharashtra Transport Strike: महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्टर 5 मार्च को हड़ताल पर हैं। पूरे महाराष्ट्र में ट्रांसपोर्टरों ने गुरुवार को पूरे राज्य में चक्का जाम और आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इससे ई-चालान सिस्टम और सेक्टर पर असर डालने वाले दूसरे मुद्दों के खिलाफ उनका विरोध और बढ़ जाएगा

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Mar 05, 2026 पर 12:47 PM
Maharashtra Transport Strike: महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्टर क्यों कर रहे हैं अनिश्चितकालीन हड़ताल? ड्राइवरों ने 'चक्का जाम' का किया ऐलान
Maharashtra Transport Strike: ई-चालान के खिलाफ आंदोलन करेंगे महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्टर। अनिश्चितकालीन हड़ताल का किया ऐलान

Maharashtra Transport Strike: महाराष्ट्र में अनेक ट्रांसपोर्टर ने ई-चालान और अन्य समस्याओं के विरोध में गुरुवार (5 फरवरी) से राज्यव्यापी 'चक्का जाम' का ऐलान किया है। ड्राइवरों ने गुरुवार आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया है। महाराष्ट्र परिवहन आयुक्त के कार्यालय में बुधवार (4 मार्च) शाम हुई वार्ता के अंतिम दौर में भी कोई खास निष्कर्ष नहीं निकलने के बाद महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट एक्शन कमेटी (M-TAC) ने कहा कि वह हड़ताल पर जाने का निर्णय लेगी।

एम-टीएसी के प्रतिनिधियों के अनुसार, ट्रांसपोर्टर मुंबई के आजाद मैदान में और राज्य के अन्य हिस्सों में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद वह रात से हड़ताल पर रहेंगे। M-TAC ने कहा कि अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान स्कूल बसें, कॉन्ट्रैक्ट पर चलने वाली बसें, निजी बसें और ट्रक, टेम्पो, टैक्सी तथा टैंकर सहित कमर्शियल वाहन नहीं चलेंगे। ट्रांसपोर्टर ने विरोध स्थलों पर अपने वाहन लाने की भी धमकी दी है।

'स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन' के पदाधिकारी अनिल गर्ग ने बुधवार को कहा था कि अगर अनिश्चितकालीन हड़ताल होती है तो शुक्रवार से राज्य भर में स्कूल बसें नहीं चलेंगी। हालांकि गुरुवार को उनकी सेवाएं प्रभावित नहीं रहेंगी। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने भी इस सप्ताह की शुरुआत में यहां महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) मुख्यालय में ट्रांसपोर्टर के साथ एक बैठक की थी। लेकिन एम-टीएसी ने कहा कि सरकार की ओर से खोखले आश्वासनों के कारण बातचीत में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला।

सरनाइक ने ट्रांसपोर्टर से अपना आंदोलन वापस लेने की अपील करते हुए कहा था कि सरकार खड़ी गाड़ियों को जारी किए गए अन्यायपूर्ण ई-चालान को रद्द करने के बारे में सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर अनुकूल निर्णय लेगी। एम-टीएसी ने कहा कि यह आंदोलन इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक एनफोर्समेंट की मनमानी कार्रवाई तथा ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर बढ़ते फाइनेंशियल बोझ के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है।

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