BJP कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर नंदीग्राम में मचा बवाल, सुवेंदु आधिकारी ने निकाला विरोध मार्च

भाजपा का कहना है कि इसे राजनीतिक रंग देकर उनके कार्यकर्ता को फंसाया गया है।बता दे कि गिरफ्तारी के अगले दिन शनिवार को सुवेंदु आधिकारी खुद नंदीग्राम पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को कड़ी चेतावनी दी

अपडेटेड Dec 29, 2025 पर 9:54 PM
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आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले नंदीग्राम में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है।

आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले नंदीग्राम में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस की प्रचार में तोड़फोड़ के आरोप में एक भाजपा कार्यकर्ता की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता सुवेंदु आधिकारी की अगुवाई में यह विरोध मार्च निकाला गया। यह विरोध मार्च नंदीग्राम बस स्टैंड से शुरू होकर जानकीनाथ मंदिर तक गया। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसाकर डराने की कोशिश की जा रही है

दरअसल, शुक्रवार (26 दिसंबर) को नंदीग्राम के वेकुटिया ग्राम पंचायत इलाके में तृणमूल कांग्रेस की 'उन्नयनेर पांचाली' प्रचार झांकी को नुकसान पहुंचा थाइसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर जानबूझकर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया और नंदीग्राम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इस मुद्दे को लेकर पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ता गौरांग घारा को गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और दावा किया कि ऑटो पानी में गिर गया था, जिससे फ्लेक्स फट गई। भाजपा का कहना है कि इसे राजनीतिक रंग देकर उनके कार्यकर्ता को फंसाया गया है।बता दे कि गिरफ्तारी के अगले दिन शनिवार को सुवेंदु आधिकारी खुद नंदीग्राम पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "पुलिस को अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ेगा।" सुवेंदु ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और पुलिस सत्ताधारी दल के इशारे पर काम कर रही है।

वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया है। तृणमूल नेताओं का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर प्रचार झांकी को तोड़ा। भाजपा कार्यकर्ता के गिरफ्तारी पर तृणमूल जिला अध्यक्ष सुजीत रॉय का कहना था कि, "भाजपा कार्यकर्ता तोड़फोड़ करेंगे और पुलिस कुछ नहीं करे, यह कैसे हो सकता है? कानून सबके लिए समान है।" साथ ही सुवेंदु के पुलिस स्टेशन जाने पर उन्होंने पलटवार किया था। उन्होंने कहा, "जब भवानीपुर में तृणमूल कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई थी, तब कोई नेता थाने नहीं गया था।सी

नंदीग्राम पहले भी राजनीतिक हिंसा और टकराव का केंद्र रहा है। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही यहां सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच टकराव तेज होता जा रहा है। फिलहाल नंदीग्राम में भारी पुलिस बल की तैनाती है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। लेकिन जिस तरह से चुनाव से पहले ऐसे मुद्दे सामने आ रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और ज्यादा गर्म होने वाली है।


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