साउथ दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में बुधवार सुबह एक भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोग जान बचाने के लिए बिल्डिंग की खिड़कियों से ही नीचे कूद गए। इस हादसे का सबसे दर्दनाक पल वो था जब एक महिला अपने छोटे से बच्चे को अपने सीने से लगाकार बिल्डिंग से नीचे कूदी और धरती पर गिरते ही उसका पैर टूट गया।
न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए एक स्थानीय निवासा शेर खान ने इस पूरी दर्दनाक घटना आंखों देखी सुनाई। उन्होंने बताया, "मैं सुबह दुकान जा रहा था। पहले यहां एक छोटी सी आग लगी, फिर वह बढ़ती चली गई। जैसे-जैसे आग बढ़ी, ऐसा लगने लगा कि यहां से कूदने का कोई रास्ता ही नहीं है।"
शेर खान आगे बताया, "लोगों ने नीचे गद्दे बिछा दिए और तीसरी मंजिल से कुछ लोग उनपर कूदे। एक महिला एक छोटे बच्चे के साथ नीचे कूदी, लेकिन नीचे गिरते ही उसका पैर टूट गया। उसने कहा कि मेरा पैर फ्रैक्चर हो गया। लोगों ने बहुत कोशिश की। हालांकि, जैसे-जैसे समय बीतता गया, आग और ज्यादा बढ़ती गई। ये घटना सुबह करीब 9 बजे की है।"
अधिकारियों ने बताया कि मारे गए लोगों में से कई विदेशी हैं, जो मुख्य रूप से सेंट्रल एशिया और अफ्रीका से हैं।
इससे पहले दिन में, अधिकारियों ने बताया था कि आग सुबह 8:45 बजे 'लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट' में लगी थी। बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि आग असल में, भीड़भाड़ वाले मालवीय नगर इलाके के 'हौज रानी' स्थित 'फ्लोरिश स्टे B&B' में लगी थी।
40 से ज्यादा लोगों को बचाया गया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 21 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। आशंका है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि घायल लोगों में से कई की हालत गंभीर है।
आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। इस संबंध में और जानकारी का इंतजार है। हालांकि, शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।