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डिटर्जेंट पाउडर और केमिकल मिला बना दिया 2.3 करोड़ लीटर मिलावटी दूध, 100 लीटर में इतना बड़ा खेल करते थे ये मिलावटखोर

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी हर 100 लीटर शुद्ध दूध में करीब 10 लीटर नकली (सिंथेटिक) दूध मिलाते थे। यानी दूध में लगभग 10 प्रतिशत मिलावट की जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि इसी तरीके से भूम के दूध संग्रह केंद्रों से महाराष्ट्र के कई इलाकों में करीब 2.3 करोड़ लीटर से ज्यादा मिलावटी दूध सप्लाई किया गया हो सकता है

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Jul 14, 2026 पर 2:43 PM
डिटर्जेंट पाउडर और केमिकल मिला बना दिया 2.3 करोड़ लीटर मिलावटी दूध, 100 लीटर में इतना बड़ा खेल करते थे ये मिलावटखोर
महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में दूध में मिलावट का एक बड़ा मामला सामने आया है।

महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में दूध में मिलावट का एक बड़ा मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों को शक है कि पिछले छह महीनों में बड़ी मात्रा में नकली और मिलावटी दूध बाजार में बेचा गया है। यह मामला भूम तहसील में पकड़े गए दूध मिलावट रैकेट की पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की संयुक्त जांच के दौरान सामने आया। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से जब्त किए गए बिक्री रजिस्टर की जांच में पता चला कि पिछले छह महीनों में करीब 2,30,470 किलोग्राम घटिया गुणवत्ता वाले मिल्क पाउडर का इस्तेमाल कर लगभग 23.04 लाख लीटर नकली (सिंथेटिक) दूध तैयार किया गया। इस मिलावटी दूध की अनुमानित कीमत करीब 9.22 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

दूध में मिलाते थे सिंथेटिक 

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी हर 100 लीटर शुद्ध दूध में करीब 10 लीटर नकली (सिंथेटिक) दूध मिलाते थे। यानी दूध में लगभग 10 प्रतिशत मिलावट की जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि इसी तरीके से भूम के दूध संग्रह केंद्रों से महाराष्ट्र के कई इलाकों में करीब 2.3 करोड़ लीटर से ज्यादा मिलावटी दूध सप्लाई किया गया हो सकता है। जांच के मुताबिक, नकली दूध को असली जैसा दिखाने और उसमें वसा (फैट) की मात्रा बनाए रखने के लिए आरोपी डिटर्जेंट पाउडर, पाम ऑयल और घटिया गुणवत्ता वाले रासायनिक पाउडर का इस्तेमाल करते थे।

पुलिस ने इन गंभीर धाराओं में दर्ज किया केस

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