मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने की खबरों के बीच भारत में LPG (रसोई गैस) सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बीच सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत जल्द से जल्द गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए ईरान के साथ बातचीत कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, क्योंकि इस क्षेत्र में जारी संकट से ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ता ही जा रहा है।
होर्मुज के पास खड़े हैं 8 LPG टैंकर
CNN-News18 ने बताया कि सूत्रों के अनुसार इस समय आठ LPG टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य के ठीक पहले खड़े हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।
भारत सरकार इन जहाजों को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाने के लिए ईरान के अधिकारियों से संपर्क में है।
अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में ईरानी प्रशासन सहयोग कर रहा है ताकि गैस से भरे ये जहाज जल्द भारत की ओर रवाना हो सकें।
इसी बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार रात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा BRICS से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
भारत में हैं 250 ईरानी नाविक
सूत्रों ने बताया कि फिलहाल करीब 250 ईरानी नाविक भारत में मौजूद हैं, जो अपने देश वापस जाने का इंतजार कर रहे हैं।
भारतीय प्रशासन ने इन नाविकों के रहने और जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया है और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए व्यवस्था की जा रही है।
सरकार का क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप इस पूरे मामले पर काम कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भारत में रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित न हो, इसके लिए पूरी योजना तैयार की जा रही है।
सरकार लगातार हालात का आकलन कर रही है और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर LPG की सप्लाई को बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
LPG के लिए आयात पर निर्भर है भारत
भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 60 से 67 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। इनमें से बड़ी मात्रा सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देशों से आती है और अधिकतर जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते भारत पहुंचते हैं।
ऐसे में अगर इस समुद्री मार्ग में लंबा व्यवधान रहता है, तो देश में रसोई गैस की सप्लाई पर असर पड़ सकता है।