इराक के पास हुए एक हमले में मुंबई के एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। मृतक की पहचान 54 साल के देवनंदन प्रसाद सिंह के रूप में हुई है, जो मुंबई के कांदिवली इलाके के रहने वाले थे। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने इस घटना की पुष्टि की है। मंत्रालय ने 12 मार्च को जारी बयान में बताया कि मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले तेल टैंकर MT Safesea Vishnu ऑयस टैंकर पर हमला हुआ था, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई।
बताया गया कि यह हमला इराक के खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास, बासरा के करीब बुधवार को हुआ। जहाज पर अतिरिक्त चीफ इंजीनियर (सुपरिंटेंडेंट) के रूप में काम कर रहे सिंह इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई।
मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, घटना की जानकारी संबंधित समुद्री एजेंसियों को दे दी गई है और हमले की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
परिवार के अनुसार, सिंह करीब सात साल से समुद्र में काम नहीं कर रहे थे और शोर ड्यूटी कर रहे थे। इससे पहले वे लगभग 25 साल तक जहाजों के इंजीनियरिंग विभाग में काम कर चुके थे।
परिजनों का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें जबरन फिर से जहाज पर भेजा। उनका कहना है कि 28 फरवरी को जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया, उससे तीन दिन पहले ही कंपनी ने उन्हें जहाज पर जॉइन करने के लिए मजबूर किया था।
परिवार के एक सदस्य के मुताबिक, सिंह जहाज पर जॉइन करने के करीब दो हफ्ते बाद ही हमले में मारे गए। उन्होंने कहा कि कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के कारण उन्हें दोबारा जहाज पर जाना पड़ा।
हमले के बाद क्रू को बचाया गया
हमले के बाद जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर समुद्र में कूद गए। बाद में एक टग बोट ने उन्हें बचाया।
इराकी कोस्ट गार्ड ने जहाज के सभी 28 क्रू मेंबरों को सुरक्षित निकालकर बासरा बंदरगाह पहुंचाया। इनमें 16 भारतीय और 12 फिलीपींस के नागरिक शामिल थे।