नोएडा में बच्चों के लापता होने की अफवाह से फैली दहशत, डर से बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे लोग

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चों के अपहरण की कोई शिकायत या पुष्टि की गई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि यह घबराहट संभवतः जनवरी में दिल्ली में लड़कियों के कथित रूप से लापता होने को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई गई भ्रामक पोस्ट से शुरू हुई होगी

अपडेटेड Feb 16, 2026 पर 4:19 PM
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नोएडा के कई इलाकों में इन दिनों डर का माहौल बना हुआ है।

नोएडा के कई इलाकों में इन दिनों डर का माहौल बना हुआ है। बच्चों के किडनैप होने की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। हालांकि पुलिस बार-बार साफ कर चुकी है कि ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है, फिर भी लोग घबराए हुए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैल रहे मैसेज और मोहल्लों में हो रही चर्चाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इन अफवाहों में कहा जा रहा है कि बच्चे, खासकर लड़कियां, गायब हो रही हैं।

 फैली अफवाह

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस डर की वजह से कई माता-पिता ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। कुछ महिलाएं अपनी नौकरी छोड़ रही हैं और लोग बेवजह बाहर निकलने से बच रहे हैं। अफवाहों का असर आम जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि बच्चों के किडनैप होने के दावों का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है। फिर भी बिना जांचे-परखे सोशल मीडिया मैसेज से फैला डर लोगों के व्यवहार पर साफ असर डाल रहा है।


परिवारों में डर का महौल

कई परिवारों का कहना है कि इस माहौल ने उन्हें निजी और मुश्किल फैसले लेने पर मजबूर कर दिया है। सरफाबाद गांव की रहने वाली गुड्डी ने अपने दो खाना बनाने के काम छोड़ दिए, ताकि वह हर दिन जल्दी घर लौट सके और स्कूल से वापस आते समय अपने छह साल के बेटे के साथ रह सके। एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुड्डी ने कहा, “जैसे ही बच्चे स्कूल के गेट से बाहर निकलते हैं, स्कूल के अधिकारी जिम्मेदारी से हाथ खींच लेते हैं। इससे हम बहुत डर गए हैं। हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।”

यह डर सिर्फ सरफाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के गांवों में भी देखा जा रहा है। कई माता-पिता ने अपने काम के समय में बदलाव कर दिया है, जबकि कुछ ने एहतियात के तौर पर बच्चों को कुछ दिनों के लिए स्कूल भेजना बंद कर दिया है। सरफाबाद की एक अन्य घरेलू कामगार ने कहा, “अब परिवार रोज़ जल्दी-जल्दी घर लौटते हैं ताकि बच्चों के साथ रह सकें। चाहे बाद में यह अफवाह झूठ साबित हो जाए, लेकिन इस समय जो डर है, वह बिल्कुल असली है।”

पुलिस ने दी ये जानकारी 

वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चों के अपहरण की कोई शिकायत या पुष्टि की गई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि यह घबराहट संभवतः जनवरी में दिल्ली में लड़कियों के कथित रूप से लापता होने को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई गई भ्रामक पोस्ट से शुरू हुई होगी। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी जानकारी की पुष्टि किए बिना उसे आगे न बढ़ाएं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह सब अफवाहें लगती हैं, जो शायद भ्रामक सोशल मीडिया मैसेज से शुरू हुई हैं।” उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि की गई जानकारी आगे न फैलाएं। इससे पहले भी इसी तरह की अफवाहों पर दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया था। दिल्ली पुलिस के PRO संजय त्यागी ने कहा था कि लापता लोगों, खासकर बच्चों को लेकर “घबराने की कोई जरूरत नहीं है।” उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में पिछले साल की तुलना में कम गुमशुदगी के मामले दर्ज हुए हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि बच्चों के लापता होने या किडनैपिंग के मामलों में किसी संगठित गैंग की भूमिका सामने नहीं आई है। साथ ही चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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