Jabalpur Cruise Accident: जबलपुर क्रूज हादसे में मां को कसकर पकड़े बच्चे की इस वायरल तस्वीर की DM ने अलग ही कहानी बता दी!

Jabalpur Cruise Accident: आगरा से आई गोताखोर टीम ने बताया कि डूबी हुई नाव के भीतर हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे। सीमित जगह, टूटे ढांचे और बाहर निकली लोहे की छड़ों के कारण उन्हें हथौड़ों की मदद से रास्ता बनाना पड़ा। इस दौरान एक गोताखोर खुद फंसते-फंसते बचा

अपडेटेड May 01, 2026 पर 6:10 PM
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Jabalpur Cruise Accident: जबलपुर क्रूज हादसे में मां को कसकर पकड़े बच्चे की इस वायरल तस्वीर की DM ने अलग ही कहानी बता दी!

जबलपुर क्रूज बोट हादसे में 9 लोगों की दूबने से मौत हो गई। इस हादसे की सबसे दर्दनाक पहलू वो है, जब एक औरत और एक छोटे बच्चे की लाश रेस्क्यू टीम को मिली। वो एक मां थी, जिसने आखिरी सांस तक भी अपने चार साल के मासूम बेटे को अपनी सीने से कस कर लगाए रखा और दोनों एक ही लाइव जैकेट में थे। गोताखोरों को दोनों ही लाश इसी हालत में मिली। सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ी एक तस्वीर काफी वायरल है और उसे ही इन मां-बेटे की असली तस्वीर बता कर शेयर कर रहे हैं।

इस तस्वीर में एक औरत लाइफ जैकेट पहने अपने पानी में डूबती दिख रही है और उसके ऊपर उसका छोटा सा बेटा पड़ा है, जिसे महिला ने अपने सीने से लगाया हुआ। हालांकि, जबलपुर के कलेक्टर ने अब इस तस्वीर की अलग ही सच्चाई बताई है।

कलेक्टर जबलपुर के X अकाउंट से ये तस्वीर पोस्ट की गई है, जिसके बारे में लिखा है- "जबलपुर -- यह फोटो AI जनरेटेड है या अन्य किसी स्त्रोत की है। बरगी क्रूज दुर्घटना से इसका कोई संबन्ध नहीं है।" इसका मतलब साफ है कि ये तस्वीर, जो सोशल मीडिय पर काफी तेजी से शेयर की जा रही है, वो उस भयावह घटना की नहीं है।


न्यूज एजेंसी PTI-भाषा के मुताबिक, आगरा से आई गोताखोर टीम ने बताया कि डूबी हुई नाव के भीतर हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे। सीमित जगह, टूटे ढांचे और बाहर निकली लोहे की छड़ों के कारण उन्हें हथौड़ों की मदद से रास्ता बनाना पड़ा। इस दौरान एक गोताखोर खुद फंसते-फंसते बचा।

अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम अचानक आए तूफान के कारण जबलपुर जिले में क्रूज नौका पलटकर डूब गई, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।

एक गोताखोर ने PTI से कहा, "शुरुआत में महिला के शव को निकालने में दिक्कत आई। बाद में पता चला कि वह अपने बच्चे को कसकर पकड़े हुए थी, जिससे उन्हें अलग करना मुश्किल था। यह दृश्य बेहद भावुक करने वाला था।"

उन्होंने बताया कि कम दृश्यता, टूटे हुए ढांचे और तंग जगह के कारण अभियान में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

एक अन्य बचावकर्मी ने कहा कि अंदर विजिबिलिटी लगभग जीरो थी और बार-बार लोहे की छड़ों और मलबे से उपकरण उलझ रहे थे। कई जगह उन्हें बेहद संकरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ा।

बचावकर्मियों के मुताबिक, नाव का ढांचा दोनों ओर से ध्वस्त हो चुका था और अंदर लगी ग्रिलों के कारण रास्ते और भी खतरनाक हो गए थे।

इन तमाम चुनौतियों के बावजूद टीम अब तक जलाशय से पांच शव निकाल चुकी है, जिनमें एक बच्चा और चार वयस्क शामिल हैं।

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