मुख्तार अंसारी गैंग के पुराने शूटर की बाराबंकी में दिन दहाड़े हत्या, कार पर चलाई गईं 15 गोलियां!

लगभग 10 मिनट तक लगातार फायरिंग होती रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हमला खुलेआम हुआ, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने लगातार गोलियों की आवाज सुनी और गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई जाती रहीं

अपडेटेड Feb 13, 2026 पर 5:45 PM
Story continues below Advertisement
मुख्तार अंसारी गैंग के पुराने शूटर शोएब उर्फ बॉबी की बाराबंकी में दिन दहाड़े हत्या

मुख्तार अंसारी के गैंग से जुड़े एक पूर्व शूटर की उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। शोएब उर्फ बॉबी, जिसका नाम पहले मुख्तार अंसारी के आपराधिक गिरोह से जुड़ा रहा था और जो 1999 में लखनऊ जेलर आरके तिवारी की हत्या के मामले में आरोपी था, उस पर बाराबंकी से लखनऊ जाते समय हमला किया गया। यह फायरिंग असैनी इलाके में हुई। पुलिस के अनुसार, उसकी गाड़ी पर कुल 15 गोलियां चलाई गईं।

लगभग 10 मिनट तक लगातार फायरिंग होती रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हमला खुलेआम हुआ, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने लगातार गोलियों की आवाज सुनी और गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई जाती रहीं। पुलिस का कहना है कि हमले की तीव्रता और गोलियों की संख्या से लगता है कि इसमें कई हमलावर शामिल थे।

शोएब बॉबी को अंसारी गैंग का शूटर माना जाता था।


मुख्तार अंसारी की मौत के समय उनकी उम्र 63 साल थी। उनके खिलाफ हत्या से लेकर रंगदारी तक कुल 65 आपराधिक मामले दर्ज थे। इसके बावजूद वे अलग-अलग राजनीतिक दलों के टिकट पर पांच बार विधायक चुने गए। 1963 में एक प्रभावशाली परिवार में जन्मे अंसारी ने उत्तर प्रदेश में सरकारी ठेकों से जुड़े माफिया के दौर में संगठित अपराध की दुनिया में कदम रखा।

2005 से लेकर अपनी मौत तक अंसारी उत्तर प्रदेश और पंजाब की अलग-अलग जेलों में बंद रहे।

2024 में अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, उन्हें बांदा जेल से रात करीब 8:25 बजे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। उन्हें उल्टी की शिकायत थी और वे बेहोश पाए गए थे।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।