ट्विशा की सास गिरिबाला हाई कोर्ट में खुद लड़ेंगी अपना केस! रिटायर्ड जज की अग्रिम जमानत रद्द करने पर होगी सुनवाई
Twisha Death Case: यह याचिका ट्विशा के परिवार ने दाखिल की है। परिवार ने कोर्ट से मांग की है कि भोपाल की सेशन कोर्ट की तरफ से गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत रद्द की जाए। बताया जा रहा है कि गिरिबाला सिंह हाईकोर्ट में अपना पक्ष खुद रख सकती हैं
Twisha Sharma Death: ट्विशा की सास गिरिबाला हाई कोर्ट में खुद लड़ेंगी अपना केस! रिटायर्ड जज की अग्रिम जमानत रद्द करने पर होगी सुनवाई
ट्विशा शर्मा आत्महत्या मामले में सास गिरिबाला सिंह को कथित दहेज हत्या मामले में मिली अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सोमवार दोपहर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच में सुनवाई होगी। यह याचिका ट्विशा के परिवार ने दाखिल की है। परिवार ने कोर्ट से मांग की है कि भोपाल की सेशन कोर्ट की तरफ से गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत रद्द की जाए।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, बताया जा रहा है कि गिरिबाला सिंह हाईकोर्ट में अपना पक्ष खुद रख सकती हैं। हालांकि उनके वकील एनोश जॉर्ज कार्लो भी कोर्ट में मौजूद रहेंगे और उन्होंने उनकी तरफ से वकालतनामा दाखिल किया है।
इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया था कि वकील ने केस से खुद को अलग कर लिया है, लेकिन उन्होंने इन खबरों को गलत बताया है।
गिरिबाला को क्यों मिली अग्रिम जमानत?
गिरिबाला सिंह को 15 मई 2026 को भोपाल की एक सेशंस कोर्ट (सत्र न्यायालय) से अग्रिम जमानत मिल गई थी। यानी पुलिस उन्हें सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकती थी।
अदालत में रिटायर्ड जज के वकील ने दलीलें दीं कि ट्विशा ने मरने से पहले कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा था और न ही पहले कभी अपने पति या सास के खिलाफ कोई लिखित शिकायत की थी। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि लड़की के परिवार वाले सिर्फ झूठे आरोप लगा रहे हैं।
क्योंकि गिरिबाला सिंह एक सम्मानित रिटायर्ड जज हैं और वर्तमान में जिला उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष भी हैं, इसलिए उनके भागने का कोई खतरा नहीं था। इन तकनीकी और कानूनी दलीलों के आधार पर सेशंस कोर्ट ने उन्हें ₹50,000 के मुचलके पर अग्रिम जमानत दे दी थी।
ट्विशा के घर वाले पहुंचे हाई कोर्ट
जैसे ही गिरिबाला सिंह को जमानत मिली, इस पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। अब मध्य प्रदेश सरकार और ट्विशा के परिवार, दोनों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर इस जमानत को रद्द करने की मांग की है।
सरकार और पीड़ित परिवार का आरोप है कि गिरिबाला सिंह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रही हैं। आरोप है कि उन्होंने घर के CCTV फुटेज के साथ छेड़छाड़ की और उसके चुनिंदा हिस्से सोशल मीडिया पर लीक किए ताकि जनता की राय को बदला जा सके।
पुलिस और सरकार का कहना है कि जमानत मिलने के बाद से पूर्व जज जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। पुलिस ने बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें तीन बार नोटिस भेजा, लेकिन वे अपने घर पर नहीं मिलीं। आखिरकार पुलिस को उन्हें WhatsApp और पोस्ट के जरिए 'आखिरी नोटिस' भेजना पड़ा।
इस मामले पर देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने भी खुद संज्ञान लिया है। देश के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, "यह एक पूर्व जज हैं, जो मीडिया में जाकर मृतक लड़की के चरित्र पर कीचड़ उछाल रही हैं और पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं।" उन्होंने कहा कि लड़की के WhatsApp चैट्स से साफ है कि वह ससुराल में 'नरक जैसी जिंदगी' जी रही थी।
पूरा मामला क्या है?
नोएडा की रहने वाली 33 साल की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के महज 6 महीने के भीतर, 12 मई 2026 को भोपाल के पॉश इलाके कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा का शव फांसी के फंदे से लटकता हुआ मिला।
ट्विशा के मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इस आधार पर भोपाल पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह (जो कि रिटायर्ड जिला जज हैं) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु), 85 (क्रूरता) और दहेज निषेध अधिनियम के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की।
वहीं, रिटायर्ड जज और उनके परिवार का दावा है कि ट्विशा ड्रग्स (नशीले पदार्थों) की लत से जूझ रही थी और उसने खुदकुशी की है।