Mumbai Pollution: बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार (23 जनवरी) को एयर पॉल्यूशन को रोकने के उपायों से जुड़े अपने आदेशों की जानबूझकर अनदेखी करने के लिए नगर निगम अधिकारियों को फटकार लगाई। हाई कोर्ट ने कहा कि नगर निगम अधिकारी भी मुंबई में बाकी सभी लोगों की तरह ही हवा में सांस ले रहे हैं। अदालत ने मुंबई और नवी मुंबई के म्युनिसिपल कमिश्नरों को सैलरी रोकने की भी चेतावनी भी दी। हाई कोर्ट ने 2023 में हवा प्रदूषण का खुद संज्ञान लिया था।
अदालत ने उस समय प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए नगर निगमों और अन्य अधिकारियों को कई निर्देश जारी किए थे। चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस सुमन श्याम की बेंच ने पाया कि NMMC के अधिकारी प्रदूषण कम करने के उपायों पर कोर्ट के बार-बार दिए गए निर्देशों का पालन करने में लगातार नाकाम रहे हैं।
बेंच ने अपने आदेश में कहा, "नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के म्युनिसिपल कमिश्नर द्वारा इस कोर्ट के आदेश की जानबूझकर अवहेलना और उल्लंघन किया गया है। इसके खिलाफ हम एक आदेश पारित करने का प्रस्ताव रखते हैं। इसमें उन्हें तब तक सैलरी न लेने का निर्देश दिया जाएगा जब तक यह आदेश उन्हें ऐसा करने की इजाजत न दे।"
कोर्ट ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के जवाब पर भी गहरी असंतोष व्यक्त किया। चेतावनी दी कि अगर नियमों का पालन न करने का सिलसिला जारी रहा तो उसके वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी इसी तरह के कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
कोर्ट के दखल के बाद ही हुई कार्रवाई
सुनवाई के दौरान बेंच ने मौखिक रूप से कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि BMC ने न्यायिक दबाव के बाद ही कार्रवाई शुरू की है। कोर्ट ने सीधे तौर पर पूछा, "कोर्ट के आदेश के बाद ही आपने कदम उठाना शुरू किया है। तो आप पिछले एक साल से क्या कर रहे थे?" अदालत ने कहा, "हम यहां स्थिति का जायजा लेने और स्टेटस रिपोर्ट मांगने के लिए नहीं बैठे हैं। यह सुनिश्चित करना आपका कर्तव्य है।"
कंस्ट्रक्शन साइट्स पर खुलेआम उल्लंघन!
हाई कोर्ट मुंबई और आसपास के इलाकों में बिगड़ती AQI को कंट्रोल करने वाली संबंधित याचिकाओं के साथ एक स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। यह मामला अक्टूबर 2023 से न्यायिक जांच के दायरे में है। कोर्ट द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नरों द्वारा किए गए निरीक्षणों का जिक्र करते हुए बेंच ने पाया कि NMMC क्षेत्र में 11 कंस्ट्रक्शन साइट्स वायु प्रदूषण कम करने के नियमों का उल्लंघन कर रही थीं।
इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि कोर्ट को ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि NMMC के अधिकारियों ने इन उल्लंघन करने वाली साइट्स का दौरा भी किया हो। कोर्ट ने कहा, "सिटी इंजीनियर द्वारा दायर एफिडेविट में हमें NMMC के अधिकारियों या अधिकारियों की टीम के उन 11 साइट्स पर जाने के बारे में कोई संकेत नहीं मिला।" अदालत ने कहा, "कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रशासनिक निगरानी में एक बड़ी नाकामी है।"