प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अगले 10 सालों में देश को गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त करने का शनिवार को आग्रह किया और कई वर्षों की सुस्त आर्थिक विकास को हिंदू विकास दर बताकर पूरी सभ्यता को बदनाम करने की कोशिश करने वाले ‘‘तथाकथित बुद्धिजीवियों’’ पर निशाना साधा। मोदी ने यहां ‘हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट’ में कहा कि जब दुनिया अनिश्चितताओं से भरी हुई है, भारत आत्मविश्वास से लबरेज है और वैश्विक मंदी के दौर में विकास की कहानी लिख रहा है।
