लखनऊ की उस तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग को 32 दिन बीत चुके हैं, लेकिन हादसे की दर्दनाक यादें आज भी ताजा हैं। शनिवार को बुलडोजरों की गड़गड़ाहट के साथ उस इमारत को गिराने का काम शुरू हुआ, जहां आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई थी। इमारत गिराने के दौरान पूरे इलाके को सील कर दिया गया और सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जिस इमारत को नियमों के उल्लंघन और प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक माना जा रहा था, उसे एक-एक मंजिल और एक-एक दीवार तोड़कर ढहा दिया गया। हालांकि, इमारत गिरने के साथ एक बड़ा सवाल अब भी कायम है। जिस भवन के खिलाफ कथित अवैध निर्माण को लेकर पहले ही कार्रवाई हो चुकी थी, वह आखिर कैसे चलता रहा और प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम क्यों नहीं उठाए, जिससे 15 लोगों की जान बचाई जा सकती थी?
