न तुक्का न स्टारडम... विजय ने 15 साल पहले लिखी थी इस जीत की स्क्रिप्ट, एक फैन क्लब को ऐसे बना दिया TVK पार्टी
TVK का फोकस “Onre Kulam, Oruvane Devan” (यानी एक ही जाति, एक ही भगवान) के विचार पर है। इसके साथ ही पेरियार के सामाजिक न्याय के सिद्धांत और अन्ना की विचारधारा को मिलाकर आगे बढ़ाया जा रहा है। खास तौर पर युवाओं और महिलाओं को ध्यान में रखकर यह रणनीति बनाई गई है
Vijay ने 15 साल पहले लिखी थी इस जीत की स्क्रिप्ट, एक फैन क्लब से TVK बनने तक की पूरी कहानी
विजय की पार्टी TVK (Tamilaga Vettri Kazhagam) की 2026 विधानसभा चुनाव में हुई जीत कोई तुक्का नहीं है, बल्कि 15 साल की एक सोची-समझी सांगठन स्तर पर बनी मजबूत योजना का नतीजा है। उन्होंने अपने फैन क्लब VMI (Vijay Makkal Iyakkam) को जिस तरह से 'राजनीतिक कैडर' में बदला, वह किसी भी चुनावी मैनेजमेंट के लिए एक केस स्टडी हो सकता है।
दरअसल विजय ने 2009 में VMI बनाया था। पिछले एक दशक से ज्यादा समय से इस संगठन को केवल फिल्म प्रमोशन के लिए नहीं, बल्कि रक्तदान, 'थलपति' मुफ्त ट्यूशन सेंटर, एम्बुलेंस सेवा और आपदा राहत के लिए इस्तेमाल किया गया। इससे कार्यकर्ताओं को जनता के बीच एक "मददगार" की छवि मिली।
विजय ने अपने इसी फैन क्लब नेटवर्क VMI को एक मजबूत राजनीतिक टीम में बदल दिया। पहले ये अलग-अलग और बिखरे हुए फैन ग्रुप्स थे, लेकिन उन्होंने इन्हें जोड़कर एक अनुशासित और जमीनी स्तर पर काम करने वाला संगठन बना दिया, जिसे आगे चल कर तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) का नाम दिया गया।
VMI को 'पॉलिटिकल मशीन' में कैसे बदला?
सामाजिक जुड़ाव: जैसा हमने आपको शुरुआत में ही बताया, विजय का ये फैन क्लब आम जन के बीच अपने सामाजिक कामों को लेकर काफी प्रसिद्ध हो चुका था। इस संगठन को केवल फिल्म प्रमोशन के लिए नहीं, बल्कि ब्लड डोनेशन, 'थलपति' मुफ्त ट्यूशन सेंटर, एम्बुलेंस सर्विस और आपदा राहत के लिए इस्तेमाल किया गया।
स्थानीय चुनाव- 'लिटमस टेस्ट': 2021 के स्थानीय निकाय चुनावों में विजय ने VMI सदस्यों को निर्दलीय चुनाव लड़ने को कहा। उन्होंने 169 सीटों में से 115 सीटें जीत लीं। इससे यह साबित हो गया कि फैन क्लब सिर्फ समर्थन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे एक मजबूत चुनावी मशीनरी के रूप में भी काम कर सकते हैं। साथ ही इसने कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने और बूथ मैनेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव भी दिया।
डिजिटल और फिजिकल स्ट्रक्चर: VMI के पास पहले से ही 85,000 से ज्यादा लोकल क्लब और लगभग 1.5 करोड़ सदस्य थे। 2 फरवरी 2024 को TVK लॉन्च होने पर इनमें से अधिकांश को सीधे पार्टी सदस्य बनाया गया। पार्टी ने महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग 'विंग्स' बनाईं, जो बिल्कुल द्रविड़ पार्टियों के ढांचे जैसी थीं।
TVK ने कैसे लड़ा चुनाव?
विजय की पार्टी TVK की सबसे बड़ी ताकत यह रही कि उन्होंने केवल 'नामचीन' चेहरों को नहीं, बल्कि अपने VMI के जमीनी कार्यकर्ताओं और आम पृष्ठभूमि वाले लोगों को मैदान में उतारा।
विजय ने टिकट वितरण में 'वफादारी और योग्यता' का संतुलन बनाया। 40% टिकट VMI कार्यकर्ताओं को और बाकी पेशेवरों और पूर्व राजनेताओं को दिए गए।
TVK के कैडर की औसत उम्र 40 साल से कम है। इसने उन्हें सोशल मीडिया और जमीन पर ज्यादा ऊर्जावान बनाया, जो DMK और AIADMK के पुराने पड़ चुके ढांचे पर भारी पड़ा।
इसके अलावा TVK ने राज्य की 234 विधानसभा सीटों में कुल 69,400 बूथ एजेंट नियुक्त किए। हर एजेंट के साथ 4 लोगों की एक टीम थी, जिससे लगभग हर गली और इलाके में उनकी मौजूदगी सुनिश्चित हो गई।
TVK का फोकस “Onre Kulam, Oruvane Devan” (यानी एक ही जाति, एक ही भगवान) के विचार पर है। इसके साथ ही पेरियार के सामाजिक न्याय के सिद्धांत और अन्ना की विचारधारा को मिलाकर आगे बढ़ाया जा रहा है। खास तौर पर युवाओं और महिलाओं को ध्यान में रखकर यह रणनीति बनाई गई है।
अब TVK तमिलनाडु में सरकार बनाने की तैयार कर रही है। 118 सीटों तक पहुंचने के लिए TVK बाहर से समर्थन या गठबंधन की तलाश में है। “थर्ड फ्रंट” के रास्ते पर चलते हुए TVK छोटे दलों का साथ लेकर अपनी कमी पूरी कर सकती है, जैसे कांग्रेस (5 सीटें), PMK (4 सीटें), VCK (2 सीटें) और वामपंथी पार्टियां।